यूक्रेन में तबाही मचाने वाले दुनिया के सबसे ताकतवर टैंक T-14 अरमाटा को मिलकर बनाएंगे रूस और इंडिया !

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यूक्रेन में आज जो बड़ी-बड़ी इमारतें जमीद़ोज पड़ी हुई हैं, उसकी वजह है दुनिया का सबसे शक्तिशाली टैंक टी-14 अरमाटा। हाल ही में, रूस ने भारत के साथ इसकी टेक्नोलॉजी को शेयर करने और साथ बनाने की इच्छा जाहिर की है। टी-14 अरमाटा को लेकर ऐसा कहा जाता है कि रूस ने इस टैंक से पश्चिमी देशों के डिजाइन को 20 साल पीछे धकेल दिया है। इस स्टोरी में जानेंगे कि क्यों टी-14 अरमाटा को सबसे ताकतवर टैंक माना जाता है। इसके आने से भारत की कितनी बढ़ेगी पावर?

रूस की कंपनी ने बनाया

टी-14 अरमाटा टैंक को रूसी कंपनी उरलवगोनज़ावॉड ने बनाया है। ये रूस का अब तक का सबसे अडवांस और शक्तिशाली टैंक है। इस टैंक की डिजाइनिंग 2014 में हुई थी, तब से 2021 तक इसपर प्रोटोटाइप के ट्रायल्स होते रहे हैं। पिछले साल यूक्रेन के खिलाफ रूस ने इसका इस्तेमाल किया था।

55 टन वजनी टैंक में लगी तोप की रेंज 5 से 12 किलोमीटर है, जिसमें ये भयानक तबाही मचाता है। शहरी इलाकों में जंग लड़ने में इसे बेहतरीन माना जाता है। टैंक में तीन क्रू मेंबर के बैठने की सुविधा है। वहीं, आर्मर की मजबूती 900 MM होने से इसमें क्रू मेंबर पूरी तरह से सेफ रहता है।

T-14 अरमाटा की खासियत

T-14 का इंजन 2000-200 एचपी है, इसकी मैक्सिमम स्पीड 90 किमी प्रति घंटा है। वहीं, रिवर्स मोड पर ये 500 किलोमीटर तक ट्रैवल कर सकता है। टी-14 अरमाटा में ऑटोमेटिक लोडर के साथ 125एमएम की 2A82-1M स्मूथबोर कैनन लगाई गई है। इसमें 32 राउंड गोले ऑटोमैटिक रेडी टू यूज कंडीशन में रखे जा सकते हैं। इसके अलावा टैंक हीट सेंसर, अफगैनिट एक्टिव डिफेंस सिस्टम, डायनेमिक डिफेंस सिस्टम, फायरिंग एमिंग एंड कंट्रोल सिस्टम, कॉम्बैट सी2 एंड नेविगेशन सिस्टम और एक्टिव काउंटर माइन डिफेंस से भी लैस है।

T-14 अरमाटा की मेन गन 7 से 12 किमी की रेंज वाली एक नई लेजर-गाईडेड मिसाइल भी दाग सकती है। ये टैंक दुश्मन के 152 एमएम टैंक के गोले को भी झेलने में सक्षम है। दुनिया की दूसरी कोई भी टैंक टी-14 आर्मटा जितनी सुरक्षित नहीं है।

T-14 अरमाटा टैंक में 12.7 मिलिमीटर की कॉर्ड मशीन गन लगी है। ये मशीन गन 2 किलोमीट की रेंज में एक मिनट में 650 गोलियां दागती है। उसके अलावा इस टैंक पर 7.62 मिलिमीटर की PKTM मशीन गन भी है। इन दोनों मशीन गनों में विजन, थर्मल विजन या राडार साइट्स भी लगा सकते हैं, यानी दुश्मनों पर हमला किसी भी समय ताकतवर ही होगा।

भारत की बढ़ेगी ताकत

भारत के पास अभी 700 टैंक है, मेन युद्ध टैंक के रूप में अभी रूसी टेक्नोलॉजी से बने टी-90 भीष्म और टी-72 अजेय टैंक हैं। इसके साथ ही भारत स्वदेशी तौर पर अर्जुन टैंक के अपग्रेडेड वर्जन का भी इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि इन सभी की ताकत और स्पीड T-14 अरमाटा टैंक के आगे कुछ भी नहीं है। लेकिन आने वाले समय इस टैंक के भारतीय बेड़े में शामिल होने से भारत की पैदल सेना की ताकत और भी ज्यादा बढ़ जाएगी।

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