‘शेर-ए-अतीक’ व्हाट्सएप से अब खुलेगा अतीक-अशरफ हत्‍याकांड का राज!

Home   >   खबरमंच   >   ‘शेर-ए-अतीक’ व्हाट्सएप से अब खुलेगा अतीक-अशरफ हत्‍याकांड का राज!

109
views

अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में SIT ने शूटर लवलेश तिवारी, अरुण मौर्या और सनी सिंह की निशानदेही पर 2 फोन बरामद कर लिए हैं। हालांकि होटल के कमरे में मिले दोनों मोबाइल में सिम नहीं मिलीं। अब उनके पुराने नंबर्स की CDR निकाली जा रही है। इसके अलावा अतीक अहमद के बेटे असद का मोबाइल भी SIT के हाथ लगा है। मोबाइल से पता चला है कि असद ने शेर-ए-अतीक के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप में करीब 200 लोगों को जोड़ रखा था। इसमें शूटर और शाइस्ता के मददगारों के भी नाम शामिल हैं, जो SIT की रडार पर हैं और पुलिस उनका पता ठिकाना ढूंढ रही है।   

दरअसल, उमेश पाल हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस टीम ने असद अहमद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को खंगालना शुरू किया तो शेर-ए-अतीक नाम से वॉट्सऐप ग्रुप मिला। इस वॉट्सऐप ग्रुप का एडमिन अतीक का बेटा असद था। इस ग्रुप में 200 मेंबर जुड़े थे और ग्रुप में शामिल ज्यादातर मेंबर प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर के थे। ये सभी अतीक के करीबी बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस ग्रुप में शूटर अरुण मौर्य भी जुड़ा था। इस ग्रुप से अरुण मौर्य के जुड़ने का मतलब है कि अरुण और असद की जान-पहचान पहले से ही थी। 

वीडियो और फोटो शेयर करता था असद

पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि वॉट्सऐप ग्रुप में ही असद अपने भाई अली और पिता अतीक अहमद के वीडियो, रील्स और फोटो शेयर करता रहता था। हालांकि, बीते साल नवंबर महीने में ही ग्रुप बंद कर दिया गया था। साथ ही ग्रुप के सदस्यों में शूटर और अब फरार चल रही अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन के मददगार भी शामिल हैं। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उमेश पाल हत्याकांड से ठीक पहले शेर ए अतीक ग्रुप को बंद क्यों कर दिया गया था? 

2 मोबाइल फोन हुए बरामद 

वहीं जांच में SIT को शूटरों के 2 मोबाइल फोन एक चार्जर भी बरामद और एक चार्जर बरामद हुआ है। होटल के कमरे में मिले दोनों मोबाइल में सिम नहीं मिलीं। SIT को मोबाइल से पुराने नंबर मिले हैं। अब पुलिस आरोपियों के नंबर की CDR निकालकर उनसे बातचीत का डाटा तैयार कर रही है। वहीं SIT की कस्टडी रिमांड पर शूटरों ने कई चौंकाने वाले खुलासे भी किए हैं ।

बैकअप में 2 लोग और मौजूद 

पूछताछ में शूटर लवलेश तिवारी, सन्नी सिंह और अरुण ने बताया कि फोन को होटल के कमरे में ही छोड़ दिया था। इस पर SIT ने पूछा कि फोन होटल में ही छोड़ आए थे, तो अतीक-अशरफ के कॉल्विन अस्पताल पहुंचने का कैसे पता चला? तो जवाब में कहा कि हत्याकांड के वक्त बैकअप में 2 लोग और मौजूद थे। एक अस्पताल में और दूसरा बाहर खड़ा था। इनमें से एक प्रयागराज का रहने वाला है, जबकि दूसरा बाहर का है। ऐसे में हर पहलू की जांच SIT कर रही है। 

पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!