Shakuntalam Review: किसी के जहन में छपी फिल्म तो किसी को वीएफएक्स से दिक्कत

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समांथा और देव मोहन स्टारर कालिदास की रचना अभिज्ञान शाकुंतलम पर बनी फिल्म शाकुंतलम आज 14 अप्रैल को रिलीज हो चुकी है। ये पैन इंडिया फिल्म है। कुछ दर्शक फिल्म में समांथा की एक्टिंग देखकर इसे उनके कैरियर की अब तक की सबसे बेहेतरीन फिल्म बता रहें है, तो कुछ वीएफएक्स को कमजोर, लेकिन शाकुंतलम को इस साल की उन फिल्मों में शामिल किया जाना चाहिए, जो मस्त वॉच फिल्म हैं। 

अभिज्ञान शाकुंतलम कालिदास की वो रचना जिसकी कहानी हमने बचपन से सुनी है कि देवलोक की अप्सरा मेनका और महार्षि विश्वामित्र की बेटी शकुंतला है। जो ऋषि आश्रम में पली है। एक दिन राजा दुष्यंत शिकार के दौरान जंगल में ही शंकुतला से मिल जाते हैं। दोनों गंदर्भ विवाह करते हैं। जिसके बाद शकुलंता को मिले एक श्राप की वजह से राजा दुष्यंत उन्हें भूल जाते हैं। तो वहीं, एक वरदान से एक वक्त के बाद राजा को सब याद आ जाता है, इसी बीच दोनों के बेटे भरत का जन्म भी होता है, कहानी में कुछ युद्ध भी होते है। लेकिन फिर हैप्पी एडिंग। 

लेकिन अब ये सब क्यों और कैसे होता है। इसे बेहेतरीन डायरेक्शन के साथ गुनाशेखर ने प्रस्तुत किया है। फिल्म की कहानी भले ही जानी-पहचानी है, लेकिन जिस तरह से इसे परोसा गया है। वो काबिले-तारीफ है। 

अब बात करते हैं एक्टिंग की शंकुतला का रोल संमाथा ने निभाया है। जो पूरी फिल्म में कहीं पर भी एक्टिंग, विजूअल और क्राफ्ट की कोशिश में कम नहीं पड़ती हैं।  दुष्यंत के रोल में मलयाली एक्टर देव मोहन हैं। उन्होंने भी फिल्म में बेहेतरीन काम किया है। कई रिव्यूज में संमाथा को ज्यादा स्कीन टाइम दिया गया है। ऐसा बता रहें है। तो ये अभिज्ञान शाकुंतलम पर बेस्ट है...ये कहना कि शकुंतला के रोल में समांथा को ज्यादा दिखाया गया है। इससे बेहेतर होगा, ये कहना कि दुष्यंत के रोल में देव मोहन को कुछ कम स्क्रीन टाइम मिला है। 

फिल्म के वीएफएक्स कुछ जगह पर कमजोर हैं। फिल्म में असुरों के साथ जो वॉर सीक्वेंस हैं, वो वीएफएक्स के लिहाज से कुछ कमजोर है।लेकिन हमें ये भी याद रखना चाहिए। फिल्म का बजट 80 करोड़ है, फिल्म के सबजेक्ट और टाइम के साथ बजट के लिहाज से भी फिल्म के वीएफएक्स की तुलना दो सौ या इससे ज्यादा करोड़ो में बन रही फिल्म से न करना ही बेहतर है। 

बाकी फिल्म में दिखाए नेचुरल सीन जहन में जगह बनाने की काबिलियत रखते हैं। फिल्म का म्यूजिक सीन पर फिट बैठता है, लेकिन उतना प्रभावी नहीं है।142 मिनट की ये फिल्म तेलुगू भाषा में बनी है। जिसे हिंदी में डब करके पैन इंडिया रिलीज किया गया है। 

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