Singer Udit Narayan : जिंदगी में रहे उतार चढ़ाव,चेहरे पर रही मुस्कुराहट

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सिंगर उदित नारायण (Singer Udit Narayan) की जिंदगी में बेहद उतार चढ़ाव हैं पर चेहरे मुस्कराहट हर वक्त रहती। इस आवाज ने हर किसी को अपना दीवाना बनाया। फेमस तो हुए पर मुकाम पाने के लिए सालों संघर्ष करना पड़ा। जब इन्होंने काम मांगा तो लोगों ने नज़रअंदाज किया।

सालों करना पड़ा संघर्ष

90 के दशक में एक आवाज ने हर किसी को अपना दीवाना बना रखा था। दिलकश गानों के बेताज बादशाह। वो सिंगर जिसकी आवाज सुनने के लिए हर कोई बेकरार रहता। दीवाना बनाने वाली आवाज का शिखऱ पर पहुंचना तो तय था, पर इस मुकाम को पाने के लिए उन्हें सालों कड़ा संघर्ष करना पड़ा। इन्होंने काम मांगा तो लोगों ने नज़रअंदाज किया,  नकली पत्थर जानकर छोड़ दिया पर वो चमके एक अदभुद हीरे की तरह। आज कहानी सिंगर उदित नारायण की। जिनकी जिंदगी में बेहद उतार चढ़ाव रहे, पर चेहरे की मुस्कुराहट कभी कम न हुई।

होटल में गाते थे गाना

साल था 1955 और तारीख 1 दिसंबर, बिहार सुपौल के एक मैथिली ब्राह्मण परिवार में जन्म हुआ उदित नारायण झा का। 1970 जब वो 15 साल के हुए, तो नेपाल के रेडियो में लोक गीत गाने लगे। नेपाली फिल्म ‘सिंदूर’ में एक गीत गाया पर कोई खास पहचान नहीं मिली। जिंदगी का गुजारा करना ही था तो गम क्या छोटे-छोटे समारोहों और होटल में गाना गाने लगे।

‘आनंद-मिलिंद’ से मिले तो बदली किस्मत

जिंदगी के इस इम्तेहान में अपनी मेहनत और जंग जारी रखी। फिर साल 1984 में एक भोजपुरी फिल्म में गाना गाने का ऑफर मिला। इसी गीत की रिकर्डिंग के दौरान उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर ‘आनंद-मिलिंद’ से हुई। उन्होंने जब उदित नारायण की आवाज सुनी तो इस आवाज में दम नजर आया। वहां से उदित नारायण की किस्मत ने करवट ली।

'पापा कहते हैं...' गाने से नाम मिला

साल था 1988, फिल्म थी ‘कयामत से कयामत’ और गाने के बोले थे – पापा कहते हैं बढ़ा नाम करेगा,  गाना सुपरहिट हुआ और इस गीत के बाद उदित नारायाण ने भी अपना नाम कर लिया था। रातों-रात स्टार बने उदित नारायण ने फिर कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उन्होंने 90 के दौर की ज्यादातर फिल्मों के गानों को अपने सुर दिए।

निजी जीवन में मची थी उथल पुथल

एक तरफ उदित नारायण सफलता की सीढ़ी चढ़ रहे थे। वहीं दूसरी तरफ उनके निजी जीवन में उथल पुथल मची थी। दरअसल उदित नरायण ने दो शादियों की थी। पहली पत्नी रंजना नारायण झा। दूसरी पत्नी दीपा नारायण। जब पहली पत्नी के होते हुए उदित नरायण ने दूसरी शादी की तो खूब हंगामा मचा। इस पर उदित नारायण बोले – मेरी एक ही पत्नी है, जो अभी कमरे में मेरे साथ है. कोई और पत्नी होने का सवाल ही नहीं उठता।’

जब पहली पत्नी को भी अपनाया

इसके बाद रंजना झा ने बिहार महिला आयोग में शिकायत की। रंजना झा के समर्थन में नेपाल रेडियो ने उदित नारायण के गानों पर पाबंदी लगा दी। मामला बढ़ा तो फिर उदित नरायण ने स्वीकार किया रंजना झा उनकी पत्नी हैं। अब दोनों पत्नियां उनके साथ हैं। उदित नारायण को पहली पत्‍नी से कोई औलाद नहीं है। दूसरी पत्नी से उनका एक बेटा है जिसका नाम आदित्या नारायण है।

एक तरफ सफलता, दूसरी तरफ धमकी

5 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड, साल 2009 में पद्म श्री और साल 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित उदित नारायण के जीवन में एक वक्त भी आया जब वो सुसाइड करने के बारे में सोचने लगे थे। साल 1998 की फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के गानों ने उदित नारायण को हिट कर दिया था। लेकिन इस कामयाबी का उनको एक नुकसान हुआ कि उन्हें धमकी भरे कॉल आने लगे। फोन के दूसरी तरफ से उन्हें काम छोड़ने या फिर पैसे देने की मांग की जा रही थी।

जब सुसाइड के बारे में सोचा 

एक इंटरव्यू में उदित नारायण बताते हें फोन कॉल्स का सिलसिला साल 1998 से 2019 तक चलता रहा। इन सालों में हर महीने कॉल्स आते थे। किसी ने मेरे नाम की सुपारी दी थी। इन धमकी भरे फोन कॉल्स ने इतना परेशान कर दिया कि सुसाइड के बारे में भी सोचने लगा थे। लेकिन वो इस सबसे भी उबरे और आज भी अपनी आवाज का जादू बिखेर रहे हैं।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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