आधुनिक भारत की सक्सेस स्टोरी Tejas MK2

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तेजस आधुनिक भारत की सक्सेस स्टोरी है। बेहद हल्के इस मल्टीरोल फाइटर जेट की दुनिया दीवानी है। तेजस की चर्चा एक बार फिर पीक पर है क्योंकि एडीए में एवियोनिक्स और वेपन सिस्टम के डायरेक्टर प्रभुल्ला चंद्रन वीके ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मोस्टअवेटेड तेजस एमके 2 एलसीए यानी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के 2025 तक अपनी पहली उड़ान के लिए तैयार होने की उम्मीद है। आज बात Tejas Mk2 की।


देश में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तैयार करने का कार्यक्रम अस्सी के दशक में शुरू हुआ। इन्हें मिग-21 की जगह लेनी थी जो रूस में बने थे। नब्बे के दशक में डिजाइन को मंजूरी मिली और 21वीं सदी की शुरुआत में प्रोटोटाइप भी बनकर तैयार हो गया। 2003 में टेस्टिंग शुरू हुई। उसी साल तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसे तेजस नाम दिया। और 2011 में एयरफोर्स ने ऑपरेशनल क्लियरेंस दिया। फरवरी 2019 में तेजस को पूरी तरह IAF का हिस्सा बना दिया गया। भारत ने तेजस क्लास में ही एक ऐडवांस्ड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट डिजाइन किया है। जिसे तेजस मार्क-2 या Mk-2 नाम दिया गया है। ऐसा माना जाता है, ये जैगुआर, मिराज 2002 और मिग-29 जैसे घातक लड़ाकू विमानों की जगह लेगा। तेजस एमके-2 की तुलना फ्रांस के राफेल और अमेरिका के एफ-16 से लगातार होती रही है।

साथ ही ये भी कहा कि विमान का प्रोटोटाइप तैयार करने में अब से 18 महीने लगेंगे, और पहली उड़ान में छह महीने लगेंगे। ऐसे करीब 200 लड़ाकू विमान बनाए जाएंगे। इस नए समझौते के साथ, 90% घटक स्वदेशी होंगे और बाकी एडवांस्ड रडार सिस्टम, हथियारों और अन्य क्षमताओं जैसे इजेक्शन सीट और कुछ सेंसर को छोड़कर बाकी सब भारत में निर्मित होगा। एक इंजन वाला लड़ाकू विमान राफेल से बेहतर होगा।

एडीए सुनकर कन्फ्यूज होने की जरूरत नहीं है। एडीए नेक्स्ट जनरेशन के एलसीए के डिजाइन के लिए नोडल एजेंसी है। अगर बात करें तेजस मार्क 2 की तो, तेजस F414 जेट इंजन द्वारा संचालित होगा। जनरल इलेक्ट्रिक (GE) ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की अमेरिका यात्रा के दौरान संयुक्त रूप से F414 इंजन के निर्माण के लिए भारत के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। जीई और एचएएल के बीच सौदा ऐतिहासिक है क्योंकि अमेरिका बहुत कम ही गैर-सहयोगियों के साथ अत्याधुनिक जेट इंजन तकनीक साझा करता है। अमेरिकी सहयोग से पहले, भारत तेजस एमके 2 को पावर देने वाले इंजन के लिए फ्रांस की सफ्रान और यूके की रोल्स रॉयस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने पर विचार कर रहा था। F414 एक अत्याधुनिक इंजन है और यह भारतीय वायु सेना के तेजस एमके 2 को शक्ति देगा। यह इंजन, वर्तमान में अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमानों के लिए एक वर्कहॉर्स है, जो तेजी से थ्रॉटल प्रतिक्रिया के कारण बेहतर इंजन प्रदर्शन प्रदान करता है। यह इंजन आसान रखरखाव और उच्च इंजन उपलब्धता भी प्रदान करता है।

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रन ने ये भी सुझाव दिया कि तेजस एमके 2 एलसीए के पिछले एडिशन तेजस एमके 1 से बेहतर है। क्योंकि इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, बेहतर रेंज और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता है। तेजस एमके 2 लड़ाकू विमान के अगले कुछ दशकों में भारतीय वायु सेना के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। भारतीय वायुसेना इस समय लड़ाकू स्क्वाड्रनों की गंभीर कमी से जूझ रही है। IAF की सरकार द्वारा अप्रूव्ड स्ट्रेंथ 42 लड़ाकू स्क्वाड्रन है, लेकिन डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मानें तो, इंडियन एयरफोर्स का वर्तमान लड़ाकू बेड़ा सिर्फ 31 स्क्वाड्रन है। तेजस के एमके टू वैरियेंट का प्रोटोटाइप 2024 में तैयार हो जाएगा। जबकि एचएएल इसका प्रोडक्शन 2025-26 तक शुरू कर देगा। ऐसा माना जा रहा है कि तब तक एचएएल एयरफोर्स की ओर से दिए गए 123 तेजस फाइटर जेट के आर्डर को भी पूरा कर लेगा। जिसमें से 83 तेजस एमके वन फाइटर जेट का अपडेशन भी शामिल ह़ै। अभी एयरफोर्स के पास तेजस फाइटर जेट की दो स्क्वाड्रन हैं। बताते चले कि भारत सरकार ने 470 फाइटर जेट का प्रोडक्शन देश में ही करने का फैसला किया है। जिसमें से 83 तेजस एमके-1, 108 तेजस एमके-2 ओर 126 एडवांस मीडियम कॉम्बेक्ट फाइटर जेट का निर्माण करेगा। इसके अलावा 100 टिवन इंजन डेक बेस्ड फाइटर जेट का नेवी के लिए भी निर्माण होगा।


तेजस के नए एमके टू वैरियेंट में होगी ये नई खासियतें-
-इसका वजन मिराज,जगुआर और स्वीडिश ग्रिपन फाइटर जेट के बराबर ही करीब 17.5 टन होगा।
-एमके-2 फाइटर जेट में एडवांस एवियानिक्स, के साथ ही स्मार्ट हेडस अप डिस्प्ले होगा, फ्लाई बॉय वायर फ्लाइट कन्ट्रोल कंप्यूटर और एडवांस सेंसर्स लगाए जाएंगे
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एईएसए रडार, मल्टी सेंसर्स डाटा फ्यूजन कैपेबिलिटी से लैस होगा ये फाइटर जेट
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इसकी सर्विस सीलिंग 50 हजार फीट और मैक्सिमम स्पीड 1.8 मैक होगी।  
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ये फाइटर जेट यूनिफाइड इलेक्ट्रानिक वारफेयर सूट, जैमर व रडार वार्निंग रिसीवर और नेट सेंट्रिक वार फेयर कैपेबिलिटीज से भी लैस होगा।
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तेजस एमके-2 फाइटर जेट हाई पेलोड कैपेसिटी से लैस होगा,जिसमें बियाॅड विजुअल रेंज प्रिशिसन गाइडेड बम व मिसाइलों के साथ ही एयर टू एयर और एयर टू सरफेस पर मार करने वाली कई बेहद ताकतवर मिसाइलों को लगाया जा सकेगा।
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तेजस एमके-2 एयर डिफेंस, एंटी शिप स्ट्राइट और ग्राउंड स्ट्राइक करने में सक्षम होगा। इसकी रेंज भी तेजस एमके-वन के मुकाबले काफी ज्यादा होगी।
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एमके टू में लगने वाले जीई 414 इंजन के लेटेस्ट वैरियेंट की वजह से जेट को 98 किलो न्यूटन की थ्रस्ट मिलेगी। जिससे इसे 1.8 मैक की स्पीड मिलेगी।
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एमके टू फाइटर जेट का डिजाइन डेल्टा विंग आधारित है,लेकिन इसमें कनार्ड को और जोड़ा गया है। जैसा कि राफेल,  एसयू-30 एमकेआई और यूरोफाइटर टाइफून में होता है। इससे हवा में इस फाइटर जेट को ज्यादा बेहतर मिनुविरिटी मिलेगी।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने तेजस एमके-2 फाइटर जेट के डिजाइन और प्रोटोटाइप को डेवलप करने के लिए 6500 करोड़ रुपए अप्रूव किए है। ये एक 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट होगा। जिसके 70 परसेंट कंपोनेंट देश में ही बनाए जाएंगे।


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