फिल्म आदिपुरुष चर्चा में लेकिन किसे कहते हैं असल में आदिपुरुष?

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श्रीराम पर आधारित फिल्म आदिपुरुष 16 जून को रिलीज होने वाली है। फिल्म में भगवान राम को आदिपुरुष माना जा रहा है। लेकिन आदिपुरुष का मतलब क्या होता है और इसका इतिहास क्या है।

आदिपुरुष दो शब्द आदि और पुरुष का मेल है। धार्मिक ग्रंथों में आदि का अर्थ शुरुआत भी बताया गया है। हिंदू धर्म की अलग अलग मान्यताओं के मुताबिक त्रिमूर्ति यानी कि ब्रह्मा, विष्णु और महादेव को आदिपुरुष बताया गया है।

जैसे कि भगवान शिव जोकि सृष्टि के संहारकर्ता कहे जाते हैं। उन्हें आदिदेव और आदिगुरु भी कहा जाता है। जिसके चलते उन्हें आदिपुरुष कहा जाता है।

त्रिमूर्ति में ब्रह्मदेव को सृष्टि का रचनाकार माना जाता है। इसलिए उन्हें आदिपुरुष की संज्ञा दी जाती है। वहीं, भगवान विष्णु जिन्हें न सिर्फ सृष्टि का पालनकर्ता बल्कि प्रोटेक्टर भी हैं, इसलिए उन्हें भी आदिपुरुष की संज्ञा दी जाती है। पुराणों में भगवान राम को भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है। जिससे उन्हें आदिपुरुष कहा जा सकता है।

धर्मग्रंथ रामायण में श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बताया गया है। जिसका सीधा अर्थ है मर्यादों में रहने वाला और पुरुषों में सबसे उत्तम पुरुष। वहीं प्राचीन धर्मशास्त्र मनुस्मृति में मनु महाराज को आदिपुरुष मनाया गया है। इसके अनुसार मनुष्य मनु महाराज की ही संतान है। मनुस्मृति एक ऐसा धर्मशास्त्र है, जिसकी मान्यता पूरे संसार में विख्यात है। 

इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि भारत में वेदों  के बाद सबसे ज्यादा मान्यता मनुस्मृति को ही प्राप्त है। मनुस्मृति में चारों वर्णों, चारों आश्रमों, सोलह संस्कारों और सृष्टि उत्पत्ति के अलावा राज्य की व्यवस्था, राजा के मुख्य कर्तव्य, तरह- तरह के विवादों और उन सभी विषयों पर मार्गदर्शन किया गया है जो कि मानवमात्र के जीवन में ही घटित होना सम्भव है।

वैसे एक कथा काफी विख्यात है। जहां माता पार्वती भगवान शिव से कहती हैं कि सभी आपकी पूजा करते है, आप किसका ध्यान करते हैं। तब भगवान शिव कहते हैं कि वो श्रीराम का ध्यान करते हैं।

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