तापमान बताने वाले 'सेल्सियस' की पूरी कहानी

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गर्मी का मौसम आने के साथ ही ठंडी चीज़े रास आने लगीं हैं.. पर क्या ठंडा है और क्या गर्म इसका पता तो उसके टम्प्रेचर से चलता है। जो कि सेल्सियस में आंका जाता है। हां ये तो आपको पता ही है लेकिन क्या आपको ये पता है कि सेल्सियस ही क्यों कहा जाता है। कैसे और कब हुई इसकी शुरूआत...

साल 1742 में, स्वीडिश एस्ट्रोनॉमर एंडर्स सेल्सियस ने सेल्सियस तापमान पैमाने का आविष्कार किया, जिसे आविष्कारक के नाम पर रखा गया था। इसमें 100 डिग्री तक की स्केलिंग थी। इसमें बर्फ का Melting point 100 डिग्री और पानी के boiling point के लिए 0 डिग्री सेल्सियस का इस्तेमाल किया गया था। बाद में इसे उलट कर Melting point के लिए 0 डिग्री और boiling point के लिए 100 डिग्री कर दिया गया। इसके बाद ये काफी फेमस हुआ। साल 1948 में सेल्सियस तापमान पैमाने ने साधारण सेंटीग्रेड पैमाने के पहले के नाम को बदल दिया। इस पैमाने की डिग्री सेल्सियस इकाई को वर्तमान में केल्विन के रूप में जाना जाता है। 

हालांकि, सेल्सियस तापमान पैमाने को "सेंटीग्रेड" पैमाने के रूप में भी जाना जाता है। सेंटीग्रेड का मतलब है "100 डिग्री से मिलकर या विभाजित होकर" 19 मई 1743 को उन्होंने शिल्पकार पियरे कासाटी द्वारा निर्मित पारा थर्मामीटर , "लियोन का थर्मामीटर" का डिज़ाइन प्रकाशित किया, जिसने इस पैमाने का उपयोग किया। यहाँ कंफ्यूज़ करने वाला हिस्सा ये है कि सेंटीग्रेड स्केल का आविष्कार कम या ज्यादा सेल्सियस के लिए किया गया था, इसलिए इसे सेल्सियस स्केल या सेंटीग्रेड स्केल कहा गया था। हालाँकि, पैमाने के साथ कुछ समस्याएँ थीं। सबसे पहले, ग्रेड flat angle की एक Unit थी, इसलिए एक सेंटीग्रेड उस Unit का सौवां हिस्सा हो सकता है। मोस्ट इम्पॉर्टेंट, टम्प्रेचर का scale an experimentally determined value पर बेस्ड था, जिसे इतनी इम्पॉर्टेंट यूनिट के लिए Adequate perceived accuracy से नहीं measure किया जा सकता था। समुद्र तल के air pressure पर प्योर वॉटर के freezing point- 0 डिग्री और boiling point- 100 डिग्री के बीच सेल्सियस स्केल में 100 डिग्री होता है। "सेल्सियस" शब्द को 1948 में वज़न और माप पर एक international conference में अपनाया गया था।

जिसके बाद 1950 के दशक में, वजन और माप के सामान्य सम्मेलन ने कई यनीट्स को standardized करने के लिए निर्धारित किया और सेल्सियस तापमान को केल्विन माइनस 273.15 के रूप में define करने का decision लिया। पानी के ट्रिपल पॉइंट को 273.16 K और 0.01 ° C के रूप में define किया गया था। पानी का ट्रिपल पॉइंट वो तापमान और दबाव है, जिस पर पानी एक साथ ठोस, तरल और गैस के रूप में मौजूद होता है। ट्रिपल पॉइंट को सटीक और सटीक रूप से मापा जा सकता है, इसलिए ये पानी के freezing point का एक बेहतर Reference था। चूंकि स्केल को फिर से परिभाषित किया गया था, इसे एक नया आधिकारिक नाम दिया गया था: सेल्सियस तापमान स्केल।

1744 में, एंडर्स सेल्सियस की मृत्यु के साथ, स्वीडिश botanist कार्ल लिनिअस ने सेल्सियस के पैमाने को उलट दिया। उनके ग्रीनहाउस में उपयोग के लिए उनका कस्टम-निर्मित "लिनिअस थर्मामीटर", जिसको उस समय के वैज्ञानिक उपकरणों के स्वीडन के leading manufacturer डैनियल एकस्ट्रॉम ने बनाया था। जैसा कि आधुनिक संचार से पहले इस युग में अक्सर हुआ था, कई physicists, scientists और equipment manufacturers को स्वतंत्र रूप से इसी पैमाने को विकसित करने का श्रेय दिया जाता है। 

सेल्सियस का इस्तेमाल का मौसम, लिक्विड और फ्रिज़ का टम्प्रेचर मापने के लिए जाता है।

 

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