दुनिया की सबसे बड़ी बैंक डकैती जिसमें एक राष्ट्रपति का हाथ था

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आज से 20 साल पहले। शाम का वक्त था वो चार लोग आए और अपने साथ एक ट्रक भी लाए। चारों में एक आदमी बैंक मैनेजर को एक पत्र देता है जिसे पढ़ कर मैनेजर बैंक के सारे दरवाजे खोल देते है और अब अरबों की दौलत चारों के सामने बिखरी पड़ी थी। वे बड़े आराम से इस पैसों को तबतक ट्रक में भरते है जबतक वो पूरा भर नहीं जाता। किसी को नहीं पता चला कि दुनिया की सबसे बड़ी बैंक डकैती पड़ चुकी थी। आपको जानकर हैरानी होगी इस डकैती के पीछे और कोई उस देश के राष्ट्रपति का बेटा शामिल होता है।

तारीख 19 मार्च और साल था 2003, अमेरिका ने ऑपरेशन इराकी फ्रीडम शुरू कर दिया था। पूरी दुनिया की निगाहें इस ऑपरेशन पर लगी थी सबको लग रहा था कि दुनिया के नक्शे में कुछ तो बदलने वाला है। किसी भी वक्त इराक पर अमेरिका का कब्जा होने वाला है। ये वो वक्त जब इराक में राष्ट्रपति और तानाशाह सद्दाम हुसैन की हुकूमत चलती थी। अमेरिका के ऑपरेशन से सद्दाम के समर्थक परेशान थे। सद्दाम हुसैन कमजोर पड़ते नजर आ रहे थे, ऐसा लग रहा था कि बस अब इराक में एक नए युग की शुरुआत होने वाली है। इसी बीच इराक के राजधानी बगदाद में अमेरिका के मंसूबों पर पानी फेरने का एक प्लान तैयार हुआ। ये प्लान था इराक के सबसे बड़े बैंक को खाली करने का। बैंक में मौजूद सारे पैसों को चोरी करने का।

रातों-रात ही बैंक लूटने का प्लान तैयार किया। इस लूट का मास्टर माइंड सद्दाम हुसैन का बेटा कुसय था। बगदाद में इराकी सेंट्रल बैंक में कुसय अपने चार दोस्तों के मौजूद था।

उसने बैंक के मैनेजर को एक पेपर नोट दिया, जिस पर लिखा था।

'राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की तरफ से आदेश है कि सुरक्षा के कारणों से बैंक के सारे पैसों को दूसरी जगह ले जाया जाए'

मैनेजर ने पर्ची पढ़ते बैंक के दरवाजे खोल दिए। कुसय अपने साथ एक ट्रक भी लेकर आए थे। खुद बैंक मैनेजर ने बैंक कर्मचारियों को सारी करंसी उस ट्रक में भरने के आदेश दिए। जब तक ट्रक फुल नहीं हो गया तब तक सारी करेंसी उसमें डालते चले गए। इस काम में करीब पांच घंटे का वक्त लगा। ट्रक फुल हो गया था लेकिन बैंक में अभी भी कुछ पैसा बचा था। कुसय और उसके साथी वहां से फरार हो गए। इस बैंक डकैती में एक बीलियन डॉलर की करेंसी लूटी गई अगर आज के हिसाब इंडियन रुपये से कैलकुलेट करें तो ये रकम 8267 करोड़ होती है।

पूरी दुनिया में इस बैंक की लूट की खबरें फैली। अमेरिका ने इस घटना के तुरंत बाद इराक में बमबारी शुरू कर दी। सेंट्रल बैंक समेत इराक के कई इलाकों पर अमेरिकी फौज ने कब्जा कर लिया, लेकिन तब तक बैंक का तकरीबन पूरा पैसा लेकर सद्दाम हुसैन के बेटे कुसाय फरार हो चुके थे। हर तरफ छापेमारी की गई। अमेरिकी फौज ने कुसाय और उसके गैंग को तलाशना शुरू किया। सद्दाम हुसैन के घर पर भी छापे पड़े। करोड़ों रूपये बरामद हुए, लेकिन ये चोरी की गई रकम का बेहद छोटा हिस्सा था। कहा जाता है सद्दाम हुसैन ने सेंट्रल बैंक से चोरी किया गया पैसा सीरिया भिजवा दिया और वो पैसा कभी भी अमेरिकी फौज के हाथ नहीं लग पाया। उन पैसों को सद्दाम हुसैन के दूसरे बेटे उदय ने पहले से ही संभाल कर रखा था।  

दुनिया की सबसे बड़ी बैंक लूट को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे बड़ी चोरी के रूप में दर्ज किया गया है।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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