Share Market में Election Results के दिन तगड़ी गिरावट, Sensex 4000 और Nifty 1000 अंक लुढ़का

Home   >   खबरमंच   >   Share Market में Election Results के दिन तगड़ी गिरावट, Sensex 4000 और Nifty 1000 अंक लुढ़का

15
views
2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के दिन शेयर बाजार ने कोरोना संकट के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट का सामना किया. एक्जिट पोल से उलट आए नतीजों में एनडीए सरकार को भारी बहुमत न मिलने की वजह से शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई. बीएसई सेंसेक्स 4390 अंक गिरकर 72079 अंक के लेवल पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 1379 अंक गिरकर 21884 अंक के लेवल पर बंद हुआ. हालांकि, मार्केट बंद होते-होते करीब 2000 अंकों की रिकवरी देखने को मिली थी. आज बाजार बढ़त के साथ खुला और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स ने हरे निशान पर कारोबार शुरू किया. 
 
नतीजे आने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने अलग-अलग इंटरव्यू में शेयर खरीदने की सलाह दी थी. उनका ये मानना था कि नतीजों में बीजेपी लैंड स्लाइड विक्ट्री मिलेगी, जिससे शेयर मार्केट चढ़ेगा. लेकिन नतीजों के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, साथ ही गौतम अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर करीब 21 फीसदी तक टूटे. शेयर बाजार के कमजोरी भरे दिन के कामकाज के दौरान बैंक निफ्टी इंडेक्स करीब 8 फीसदी गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप-100 भी करीब आठ फीसदी टूटा. इसके अलावा बीएसई स्मॉल कैप इंडेक्स सात फीसदी की गिरावट पर बंद हुआ. क्योंकि शेयर बाजार के कामकाज में मंगलवार को 80 फ़ीसदी कंपनियों के शेयर कमजोरी पर कामकाज कर रहे थे. इस भारी गिरावट के दौरान करीब 700 शेयरों पर लोअर सर्किट लगा. शेयर बाजार के इस उलटफेर से इन्वेस्टर्स को 31.07 लाख करोड़ रुपए का भारी नुकसान उठाना पड़ा.
 
अगर बात की जाए टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स तो हिंदुस्तान यूनिलीवर, ब्रिटानिया, हीरो मोटोकॉर्प, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर, सिप्ला और टीसीएस के शेयर्स टॉप गेनर रहे. और टॉप लूजर्स की कैटेगरी में सरकारी कंपनियां यानी पीएसयू, डिफेंस कंपनियों  के अलावा 21 फीसदी गिरकर अडानी पोर्ट्स, 20 फ़ीसदी कमजोरी पर अडानी एंटरप्राइजेज, 17 फीसदी गिरकर ओएनजीसी, 15 फ़ीसदी गिरकर एनटीपीसी, 14 फीसदी गिरकर एसबीआई, 14 फ़ीसदी गिरकर कोल इंडिया और करीब 13 फीसदी गिरकर लार्सन ऐंड टुब्रो के शेयर कामकाज कर रहे थे. 
 
गौतम अडानी ग्रुप की सभी 10 लिस्टेड कंपनियों के शेयरों के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई. दिन के कामकाज में अडानी ग्रुप की लिस्टेड 10 लिस्टेड कंपनियों में से पांच के भाव 20 फ़ीसदी के करीब टूट गए थे. अडानी पोर्ट्स और अडानी इंटरप्राइजेज के शेयरों में 20 फ़ीसदी से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई है.
 
दिन के कामकाज में बैंक निफ़्टी इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई थी. बैंक निफ़्टी इंडेक्स ने दोपहर 12:00 बजे 46070 अंक का निचला स्तर देख लिया था. बीएचईएल के शेयर 21 फीसदी गिरकर बंद हुए जबकि कंटेनर कॉरपोरेशन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, बीईएमएल लिमिटेड, टीटागढ़ रेल के शेयरों में करीब 20 फ़ीसदी की कमजोरी आई. टैक्स मेको रेल, मजगांव डॉक, इरकॉन इंटरनेशनल, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और गेल इंडिया लिमिटेड के शेयरों में 18 फ़ीसदी की कमजोरी आई.
 
इसके साथ ही मल्टीबैगर शेयर्स का हाल भी कुछ ठीक नहीं रहा. रेल विकास निगम लिमिटेड, राइट्स लिमिटेड, आईआरसीटीसी, आईआरएफसी के शेयर 13 से 14 फ़ीसदी गिरकर बंद हुए. गार्डन रीच शिप बिल्डर और कोचीन शिपयार्ड जैसी कंपनियों के शेयर भी 10 फ़ीसदी की गिरावट पर बंद हुए. शेयर बाजार के निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न देने वाली कंपनियों की बात करें तो इंफोसिस, मारुति सुजुकी, देवयानी इंटरनेशनल, फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज, मुथूट फाइनेंस, एसबीआई कार्ड, टाटा मोटर्स, स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर, प्राज इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, फेडरल बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एक्सिस बैंक जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
सेंसेक्स में ऐसी एक दिन की बड़ी गिरावट पहले भी देखी जा चुकी है. कोविड महामारी के दौरान 23 मार्च साल 2020 में 3943 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी. जो कि करीब 13.15 फीसदी थी. इसी साल 12 मार्च को 2919 अंक की गिरावट और 16 मार्च को 2713 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी. जो कि 8.18 और 7.96 फीसदी थी. अमेरिकी आर्थिक संकट के दौर में भी सेंसेक्स में 21 जनवरी साल 2008 को 1408 अंक की गिरावट और इसी साल 24 अक्टूबर को 1070 की अंक की गिरावट दर्ज की गई. जो कि करीब 7.40 और 10.95 फीसदी के आस-पास रही थी. इसके अलावा हर्षद मेहता कांड के दौरान 28 अप्रैल 1992 में 570 अंक की गिरावट देखी गई थी. जो कि 12.77 फीसदी के आस-पास थी.

 

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!