टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ जेल में ऐसे हुई हत्या, गोगी-टिल्लू गैंग में दुश्मनी की इनसाइड स्टोरी

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देश की हाई सिक्योरिटी जेल मानी जाने वाली तिहाड़ जेल में गैंगवार पर रोक नहीं लग पा रही है। कुख्यात गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी गई। टिल्लू की इस हत्या को रोहिणी कोर्ट में हुई गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या के बदले के रूप में देखा जा रहा है। गैंगवॉर में जान गंवाने वाले ये दोनों ही गैंगस्टर कभी एक जमाने में फिल्म शोले के जय-वीरू की तरह जिगरी यार थे। हालांकि टिल्लू की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेन्स विश्नोई का साथी गोल्डी बरार ने ली है।

साल 2001 में जब रोहिणी कोर्ट शूटआउट में जितेंद्र गोगी की हत्या हुई, तब से तिहाड़ में बंद गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया पर हमले का अंदेशा जताया जा रहा था। पुलिस की ओर से मिली जानकारी, सुबह करीब सवा छह बजे टिल्लू ग्राउंड फ्लोर पर हाई सिक्योरिटी वार्ड में था और उस पर हमला करने वाले चारों आरोपी फर्स्ट फ्लोर पर थे। हत्यारों ने मौका देख कर फर्स्ट फ्लोर पर बने सिक्योरिटी ग्रिल को काटकर अलग किया और फिर बेडशीट के सहारे ग्राउंड फ्लोर पर छलांग लगाकर पहुंच गए और आरोपियों ने लोहे की ग्रिल तोड़कर उसे नुकीला किया और फिर टिल्लू ताजपुरिया पर हमला कर दिया। घायल सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया को दीनदयाल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। टिल्लू पर गोगी गैंग ने 40 से ज्यादा वार किए। उस पर हमला करने वालों में योगेश उर्फ टुंडा, दीपक उर्फ तीतर, राजेश और रियाज खान है और इन चारों का संबंध गोगी गैंग से था। गोगी गैंग की कमान दीपक बॉक्सर के हाथ में है, उसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल हाल ही में मेक्सिको से गिरफ्तार करके लाई है और ये भी तिहाड़ जेल मे ही बंद है। टिल्लू ताजपुरिया पर 11 केस दर्ज हैं जिसमें 3 केस मर्डर के हैं। 2018 में उस पर और उसकी गैंग के लोगों पर मकोका भी लगाया गया था।

गोल्डी बरार ने ली हत्या की जिम्मेदारी 

टिल्लू की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेन्स विश्नोई का साथी गोल्डी बरार ने ली है। सोशल मीडिया पर वायरल एक मैसेज ने गोल्डी ने इसे जीतेंद्र गोगी की हत्या का बदला करार दिया है। गोल्डी बरार सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी शामिल रहा है। बरार ने अपने फेसबुक पोस्ट में अपने दुश्मनों को भी चेतावनी दी है। दरअसल, गोल्डी बरार पंजाब के मुक्तसर का रहने वाला है। वो 2017 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा पहुंचा था। उसने कथित तौर पर मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली थी और तब से फरार चल रहा था। कनाडा पुलिस ने देश के 25 मोस्ट वॉन्टेड भगोड़ों की लिस्ट जारी की है। इसमें गोल्डी का नाम 15वें नंबर पर है और कनाडा पुलिस ने उस पर डेढ़ करोड़ का इनाम भी घोषित किया है।

कौन था जितेंद्र गोगी ?

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक जितेंद्र गोगी ने अपराध के जरिए अकूत संपत्ति कमाई थी। गोगी पर दिल्ली से चार लाख और हरियाणा में दो लाख का इनाम घोषित था। गोगी की हत्या के पीछे भी टिल्लू का ही हाथ बताया जा रहा था। दरअसल, टिल्लू ताजपुरिया तिहाड़ जेल से ही कुख्यात बदमाश नवीन बाली, कौशल और गैंगस्टर नीरज बवानिया के साथ मिलकर जरायम की दुनिया का कामकाज संभालता था। उसका नाम रोहिणी कोर्ट शूटआउट में आया था। सितंबर 2021 में रोहिणी कोर्ट में वकील की ड्रेस पहनकर आए दो हमलावरों ने जज के सामने गैंगस्टर जितेंद्र गोगी पर गोलियां बरसा दी थीं। गोगी की मौके पर ही मौत हो गई थी। तब टिल्लू ताजपुरिया मंडोली जेल में बंद था और उसका नाम इस शूटआउट से जुड़ा था। बताया जा रहा है, की इस वारदात के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी टिल्लू की दुश्मनी और भी बढ़ गई थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कई बार उसे धमकियां दी थी।

एक जमाने में जिगरी यार थे

सुनील उर्फ टिल्लू, नीरज बवाना,सुनील राठी गैंग से भी जुड़ा हुआ था। टिल्लू 2016 से जेल में बंद था, उसे सोनीपत पुलिस ने एक मर्डर के आरोप में रोहतक से गिरफ्तार किया था। हालांकि, जो टिल्लू ताजपुरिया जुर्म की दुनिया में इतना कुख्यात था वो पहले महज एक सामान्य सा युवक हुआ करता था। टिल्लू दिल्ली के ताजपुरिया गांव का रहने वाला था। वहीं जितेंद्र गोगी अलीपुर गांव का था। दिल्ली के सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद सुनील ने दिल्ली के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में एडमिशन लिया। कॉलेज के दिनों में टिल्लू और जितेंद्र गोगी की दोस्ती खूब मशहूर थी।

दोनों गैंग के बीच बढ़ती गई रंजिश 

दोनों दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े करते थे। एक बार छात्र संघ चुनाव में एक उम्मीदवार को लेकर दोनों दोस्तों के बीच दुश्मनी की नींव पड़ी और इसके बाद दोनों अलग हो गए। दोनों ने चुनाव में अपने-अपने उम्मीदवार उतारे, लेकिन वोटिंग से एक दिन पहले टिल्लू के दोस्तों ने जितेंद्र के उम्मीदवार पर गोली चला दी, जिसके बाद दोनों की दोस्ती दुश्मनी में बदलकर गैंगवार तक पहुंच गई थी। इसके बाद दोनों गैंग के बीच रंजिश दिन-ब-दिन बढ़ती गई, इसके बाद दोनों गिरोहों के सदस्यों की हत्याओं का सिलसिला शुरू हो गया था।

 
पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

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