यूपी का पहला टेबलटॉप एयरपोर्ट, जानिए क्या है ख़ासियत

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यूपी को बहुत जल्द उसका पहला टेबलटॉप एयरपोर्ट मिलने वाला है। आप सोच रहे होंगे इसमें क्या खास है तो आपको बता दें कि इस एयरपोर्ट की सबसे खास बात ये है कि इसे आम शहरों में नहीं बनाया जाता। ये वहीं बनाया जाता है... जहां आम एयरपोर्ट बनाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए समझते हैं कि क्या खास होता है ऐसे एयरपोर्ट्स में....

टेबल टॉप एयरपोर्ट में सबसे खास होते हैं इनके रनवे... जो अमूमन पहाड़ी या पठारी जगहों पर बनाया जाता है। आम भाषा में समझें तो जिस तरह हमारे घरों में टेबल होता है ये रनवे कुछ-कुछ वैसा ही होता है। पहाड़ों पर समतल जगह कम होने के कारण ऐसी हवाई पट्टी बनाई जाती है जिसके आसपास कम ही जगह बचती है। इसमें कई बार या तो एक ओर या फिर दोनों ही ओर गहरी ढलान या खाई हो सकती है जो बहुत गहरी भी हो सकती है। ऊपर से देखने में ये टेबल के टॉप जैसे दिखते हैं इसलिए इन्हें टेबलटॉप एयरपोर्ट कहा जाता है।

अब एक सरसरी निगाह डाल लेते हैं यूपी में शुरू होने वाले टेबल टॉप एयरपोर्ट पर... उत्तर प्रदेश में कई नॉर्मल एयरपोर्ट हैं भी...लेकिन टेबलटॉप एयरपोर्ट अभी तक कहीं नहीं है। ये एयरपोर्ट राज्य के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चित्रकूट की विंध्य पहाड़ी श्रृंखला में बनाया जा रहा है। पहाड़ी पर बना ये एयरपोर्ट की सौंदर्य के लिहाज से देश के किसी भी एयरपोर्ट से आगे है। करीब 260  एकड़ भूमि पर बने इस एयरपोर्ट का लगभग 1475 मीटर लंबा और 23 मीटर चौड़ा रनवे है। एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी रोड का काम जोरो-शोरों से चल रहा है। आने वाले कुछ महीनों में इसे चालू कर दिया जाएगा। इसका काम लगभग पूरा हो चुका है। बहुत जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाएगा। इस एयरपोर्ट को बनाने में लगभग 146 करोड़ रुपये ख़र्च होंगे। ये बुंदेलखंड का पहला वर्किंग एयरपोर्ट होगा और इसका मैनेजमेंट Airport Authority of India की तरफ से किया जाएगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से मंजूरी मिलने के बाद यहां से 20 सीट वाले एरोप्लेन उड़ान भर पाएंगे। केंद्र सरकार की उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत इस एयरपोर्ट को बनवाया जा रहा है। इसका मकसद देश के कस्बों और शहरों में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है।

चित्रकूट हवाई अड्डा बन जाने पर आस-पास के कस्बों के लोग भी हवाई यात्रा का लुत्फ़ उठा पाएंगे। इसके साथ ही यहां टूरिज्म भी बढ़ने की उम्मीद है। चित्रकूट एक महत्वपूर्ण भारतीय तीर्थ स्थल है। ऐसी मान्यता है कि भगवान राम यहां अपने 14 के वनवास के दौरान लगभग 11 वर्ष 6 महीने, पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ रहे थे। यहां कई पर्यटन स्थल हैं जैसे गुप्त गोदावरी, कामदगिरी पर्वत, भरतकूप, सती अनुसुइया आश्रम, चित्रकूट झरना और हनुमान धारा।

अगर बात पूरे देश की, की जाए तो टेबलटॉप एयरपोर्ट सिर्फ यूपी में ही नहीं बनने जा रहा है बल्कि... लेंगपुई (मिजोरम), शिमला और कुल्लू (हिमाचल प्रदेश), पाक्योंग (सिक्किम), मंगलुरु (कर्नाटक), कोझिकोड और कन्नूर (केरल) में ये पहले से मौजूद है। इन एयरपोर्ट्स पर कोई आम पायलट लैंड नहीं कर पाता, इस पर लैंडिंग के लिए पायलट को विशेष प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है। दरअसल, टेबलटॉप एयरपोर्ट पर लैंडिंग आसान नहीं होती है, इसका रनवे आम एयरपोर्ट्स के रनवे से छोटा होता है और सबसे ज्यादा इसमें दिक्कत आती है बारिश के दौरान... क्योंकि बारिश के दौरान जब रनवे गीला हो जाता है तो प्लेन के फिसलने का डर बना रहता है। 

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