भारत को Stryker M-Shorad एयर डिफेंस सिस्टम देना चाहता है US, जानिए इसकी खासियत

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कुछ महीनों पहले भारत को अमेरिका ने अपने बेहतरीन स्ट्राइकर आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल का एयर डिफेंस वेरिएंट ऑफर किया है। ये वेरिएंट दुश्मनों के ड्रोन, फिक्स विंग एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों को पल भर में धूल चटा सकता है। इस आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल की मैनुफैक्चरिंग भारत और अमेरिका मिलकर करेंगे। भारत के साथ 2+2 मिनिस्टिरियल डायलॉग के दौरान के दौरान, अमेरिकी पक्ष ने स्ट्राइकर बख्तरबंद लड़ाकू वाहन के सह-उत्पादन पर जोर दिया था और इसकी घोषणा अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड जे ऑस्टिन ने भी की थी। हालांकि, अभी तक इस डील को लेकर अभी मंथन चल रहा है। 

एमक्यू 9 प्रीडेटर ड्रोन सहित एम 777 अल्ट्रा लाइट होवित्ज़र, चुनुक ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर, अपाचे कॉम्बैट हेलिकॉप्टर, हरक्युलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, सी 17 ग्लोब मास्टर, हेवी लिफ्ट ट्रांसपोर्ट कारगो, एमएच 60 रोमियो मरीन हेलिकॉप्टर जैसे कई बड़े रक्षा सौदे करने के अलावा भारत के स्वदेशी फाइटर जेट में GE कंपनी के एफ414 इंजन को लेकर भी समझौता हो चुका है। इसके बाद अब अमेरिका की नजर भारत से एक और बड़ी डील मिलने पर है। अमेरिकी प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब इंडियन डिफेंस इंडस्ट्री ने आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल डेवलप करने के फील्ड में अच्छी प्रोग्रेस की है। इसमें प्राइवेट इंडस्ट्री की हेल्प से डीआरडीओ के डेवलप किए व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म जैसे व्हीकल शामिल हैं। हालांकि ये सारे व्हीकल्स सेना की इंफेंट्री डिवीजन में आएंगे, अभी भारतीय सेना इस डिवीजन में सबसे प्रमुख रूप से बीएमपी2 का इस्तेमाल करती है। जो कि रूस में बने हुए आर्मर्ड व्हीकल हैं। 

अमेरिका जिस स्ट्राइकर आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल भारत को कर रहा है। कई सालों से अमेरिका अपनी आर्मी में उसका इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा अपने मित्र देशों को भी ये व्हीकल ऑफर किए हैं। यूक्रेन को भी अमेरिका ने आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल दिए थे, जिसके रिजल्ट काफी बेहतर बताए जा रहे हैं। हालांकि इंडिया को इस व्हीकल के एयर डिफेंस वैरियंट का ऑफर दिया है। 

अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम की खासियतें

इसका नाम है Stryker M-Shorad जो कि पर्सनल कैरियर-इंफैन्ट्री फाइटिंग एयर डिफेंस व्हीकल है। इस बख्तरबंद गाड़ी में हवाई हमले से सुरक्षा के हथियार लगे हैं। साथ ही कई ऐसे वेपन भी हैं, जो दुश्मन के टैंक, हेलिकॉप्टर, विमान, फाइटर जेट या सैन्य टुकड़ी पर भी निशाना लगा सकते हैं। इसमें सरफेस टू एयर और एंटी टैंक मिसाइलें लगाई जा सकती है, इसमें एक एंटी टैंक गन भी लगी है। 

इसे अमेरिकी कंपनी जनरल डायनमिक्स लैंड सिस्टम ने बनाया है। इसके दो वैरिएंट आते हैं। पहला 16.47 टन का है। दूसरा 18.77 टन का है। एक व्हीकल की कीमत 40 करोड़ रुपए से अधिक होती है। इसे चीन बॉर्डर जैसे हाई एल्टीट्यूड एरिया में तैनात किया जा सकता है। 

इन आर्मर्ड व्हीकल्स का इस्तेमाल युद्ध क्षेत्रों में सेना के जवानों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी किए जाते हैं, क्योंकि बुलेट प्रूफ होते हैं, जिसके चलते हल्के हमले सहने के साथ ही दुश्मन को जवाब देने में भी सक्षम हैं।

अमेरिका ने साल 2018 में घोषणा की थी कि वो इंटरिम मनुवर शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम की जरुरतों को पूरा करने के लिए स्ट्राइकर वाहनों को सेंसर और हथियारों के साथ लैस करेगा। बाद में इस पर AN/TWQ-1 एवेंजर्स शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम और मैन पोर्टेबल स्टिंगर मिसाइल सिस्टम को तैनात किया गया। इस पर हेलफायर मिसाइलों को भी तैनात करने योजना बनाई जा रही है। ये सभी मिसाइलें दुश्मन के ड्रोन, फिक्स विंग एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर या टैंक को पलक झपकते मार गिरा सकते हैं। इसे आसानी से उबड़ खाबड़ इलाके में भी तैनात किया जा सकता है।

हालांकि अमेरिका ने भारत को स्ट्राइकर के जिस एयर डिफेंस वैरियंट का ऑफर दिया है, उसे अमेरिका में मार्च 2021 में लॉंच किया गया था। अमेरिका ने ऑफर देने के साथ ही कहा था कि भारतीय एक्सपर्ट हमारी गाड़ियों की जांच-पड़ताल कर लें। ये भी देख लें कि भारत की जियोग्राफी के हिसाब से ये 8 पहियों वाली गाड़ी काम की है या नहीं। 

 

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