West UP में खौफ में रहता था जमाना, गोलियों का रखता था खजाना, उसका नाम था Anil Dujana, जानें पूरी क्राइम कुंडली

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कद में छोटा....लेकिन दिल का खोटा.....जरायम की दुनिया में कब-कौन शहंशाह बन जाए कोई नहीं जानता... भाटी, राठी, जठेड़ी से भी बड़ा बदमाश.....जिससे डरते थे... पश्चिमी यूपी के सारे बदमाश....एक साइकिल चोरी के आरोप की एफआईआर....और बदल गई माफियाओं की पूरी सरकार... गांव का एक सीधा साधा लड़का...जिसने जुर्म का रास्ता ऐसा पकड़ा....कि कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा...वेस्ट यूपी में आतंक का था दूसरा नाम...गोलियां का रखता था खजाना...उसका नाम था अनिल दुजाना...इस बात का जिक्र इसलिए क्योंकि मेरठ में यूपी एसटीएफ ने अपने 25वें स्थापना दिवस पर इस माफिया को मिट्टी में मिला दिया....आज बात इसी गैंग्स्टर की...जो मोहल्ले की लड़ाई लड़ते-लड़ते जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया... 

अनिल दुजाना...एक ऐसा बदमाश जिसके नाम से वेस्ट यूपी थर्राता था..... एके 47 तो जैसे उसके लिए कोई खिलौना हो.... हार किसी कीमत पर अपनी बर्दाश्त नहीं कर सकता है..... जीत की लत ऐसी थी की अपने आगे किसी की नहीं सुनता था...जुर्म की दुनिया का शहंशाह अनिल दुजाना जिसका असल नाम अनिल नागर था....जिसकी असल कहानी शुरु होती है... नोएडा के बादलपुर इलाके का दुजाना गांव.... 2002 से.... जब उसके खिलाफ गांव के एक शख्स ने साइकिल चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई....उस एक एफआईआर ने गांव के लड़के को जुर्म के रास्ते में धकेल दिया.... अनिल दुजाना अपराध जगत में ऐसा नाम बन गया.....जिससे पुलिस भी कांपती थी..... जिसके ऊपर 18 मर्डर समेत 62 केस और एक लाख का इनाम था.......जब कोर्ट में पेशी पर जाता तो पुलिस फोर्स के बीच बुलेट प्रूफ जैकेट पहनता था.....

अनिल दुजाना, बादलपुर के उसी दुजाना गांव का रहने वाला था... जहां के कुख्यात डकैत सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को जान से मारने की धमकी दी थी.... 70-80 के दशक में सुंदर डाकू का दिल्ली-एनसीआर में खूब आतंक था....हालांकि कई बार गिरफ्तार होने के बाद अंत में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में सुन्दर दुजाना को मार गिराया गया था..... सुंदर डाकू की मौत के बाद सालों इस गांव की आबोहवा शांत रही.... लेकिन तब तक अनिल नागर का जन्म हो चुका था.... अनिल नागर की जैसे-जैसे उम्र बढ़ रही थी... वैसे-वैसे वेस्ट यूपी की मिट्टी रक्तरंजित हो रही थी...उसे भी नहीं अंदाजा था की योगी सरकार के अधिकारी एक दिन उसे ही इस मिट्टी में मिला देंगे...

दरअसल साइकिल चोरी के आरोप के बाद जब वो जेल गया.....तो जेल के अंदर हीं उसने अपने नाम के आगे से नागर हटा दिया...अब उसे क्राइम वर्ल्ड में नाम कमाना था... इसलिए उसने सुंदर दुजाना की ही तरह अपने गांव का नाम सरनेम में जोड़ लिया..... जेल से निकलने के बाद अनिल दुजाना के पास जो कोई भी मदद के लिए आता....और किसी भी व्यक्ति से अपनी जान का खतरा बताता... तो दुजाना उसकी हत्या कर देता था..... एनसीआर-समेत वेस्ट यूपी में जमीन पर कब्जा करना, कब्जा छुड़वाना, लूट और रंगदारी मांगना....अब हर तरह के अपराध में अनिल दूजाना माहिर हो चुका था..... अनिल की उम्र के बढ़ने के साथ-साथ पश्चिमी यूपी में गैंगवार भी उफान पर था.... गैंगवॉर की शुरुआत महेंद्र फौजी और सतबीर गुर्जर की आपसी अदावत से हुई थी..... इसी बीच सतबीर गैंग के ही दो जिगरी दोस्तों के बीच जंग छिड़ गयी.... कभी एक दूसरे पर जान छिड़कने वाले नरेश भाटी और सुंदर भाटी एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए....समय बीतता गया और अपराध बढ़ता गया... साल 2004 में जिला पंचायत अध्यक्ष नरेश भाटी की हत्या सुंदर भाटी गुट ने कर दी गई....नरेश के भाई रणदीप और भांजे अमित कसाना ने हत्या का बदला लेने के लिए अनिल दुजाना का साथ लिया....  अनिल दुजाना-अमित कसाना का जिगरी यार हुआ करता था.... इसीलिए अमित ने अनिल दुजना को भी अपने साथ ले लिया....साल 2011 के नवंबर में सुंदर भाटी को मारने के लिए तीनों ने सुंदर भाटी के भांजे की शादी चुनी.....मकसद सबके सामने मौत के घाट उतार कर दहशत फैलाना था.....रणदीप, कसना और दुजाना ने गैंगस्टर सुंदर भाटी पर एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, लेकिन भाटी बच निकला और इस घटना में तीन लोग मारे गए....

इस तिहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने अनिल दुजाना को गिरफ्तार किया था...जरायम की दुनिया में छा जाने का सपना अब वो जेल से पूरा करने लगा और वहीं से गैंग को ऑपरेट करना शुरू किया.... अनिल दुजाना जेल से अपना गैंग ऑपरेट कर रहा था.... जरायम की दुनिया में एक अलग मुकाम पाने की चाहत के साथ ही....अनिल दूजाना ने राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमानी चाही.... साल 2016 के पंचायत चुनाव में जेल के अंदर से ही चुनाव लड़ा.... बुलेटप्रूफ जैकेट पहन प्रचार कर रहे विरोधी प्रत्याशी संग्राम को 10 हजार वोटों से मात दे दी थी.... 

आम से लेकर खास तक के दिल में दुजाना नाम की दहशत घर कर चुकी थी.....जेल में रहते हुए ही उसके गुर्गों ने 2019 में दिल्ली के एक कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगी थी और इसके बाद वो जनवरी 2021 में जमानत पर बाहर आ गया....इसके बाद इसी साल अक्टूबर में दुजाना ने एक और व्यापारी से 1 करोड़ की रंगदारी मांगी थी...

अनिल दूजाना से जुड़ी अपराध की कहानियां जितनी रोचक है.. उतनी ही उसकी सगाई और शादी के किस्से भी...बागपत की रहने वाली पूजा से साल 2019 में अनिल दुजना ने पेशी के दौरान कोर्ट में ही अंगूठी पहना कर सगाई कर ली थी....2012 से जेल मे बंद अनिल दुजाना 9 साल बाद साल 2021 में जेल से बाहर तो आ गया....लेकिन बाहर खतरा बड़ा था.... 7 जनवरी 2022 को दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने अनिल दुजाना को उसके 2 साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया....एक ओर पुराने दुश्मन दूसरी ओर गैंगस्टर्स के खिलाफ योगी सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति... एक के बाद एक अपराधी एनकाउंटर में मारे जा रहे थे.... 

अनिल दुजाना के ऊपर एक लाख का इनाम घोषित कर रखा था.. एक हफ्ते पहले ही जेल से रिहा हुआ दुजाना अब मिट्टी में मिल गया है...

कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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