क्या है हिंडनबर्ग रिसर्च, जिसकी एक रिपोर्ट ने डूबे गौतम अडानी के अरबों रुपये।

Home   >   धनतंत्र   >   क्या है हिंडनबर्ग रिसर्च, जिसकी एक रिपोर्ट ने डूबे गौतम अडानी के अरबों रुपये।

372
views

One Paper Can't Decide My Future... इस लाइन से अब गौतम अडानी तार्रूफ़ नहीं रख सकते, क्योंकि रिपोर्ट के एक पेपर ने उन्हें अब तक करीब एक लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान पहुंचा दिया है। हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद हालात इस कदर बदल गए हैं, कि अडानी पोर्ट के शेयर की क़ीमतें दो साल के निचले स्तर पर पहुंच चुकी हैं। अडानी ट्रांसमिशन, अडानी ग्रीन और अडानी टोटल गैस के स्टॉक्स पर भी शुक्रवार को लोअर सर्किट लगाना पड़ा । हालांकि रिपोर्ट देने वाली फ़र्म पर अडानी ग्रुप लीगल एक्शन लेने की बात कह रहा है। जिसके जवाब में हिंडनबर्ग  ने कहा है कि वो पूरी तरह से अपनी रिपोर्ट के साथ खड़ा है और अडानी ग्रुप की हर कानूनी कार्रवाई का स्वागत करेगा। रिपोर्ट का असर तो आपको पता चल गया, अब जान लीजिए कि कौन है ये अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग, जिसकी एक रिपोर्ट ने उथल-पुथल मचा दी है। 

फॉरेंसिक फाइनेशियल रिसर्च फर्म हिंडेनबर्ग, इसके फाउंडर नाथन एंडरसन हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टीकट से इंटरनेशनल बिजनेस में ग्रेजुएट डिग्री कर चुके एंडरसन ने एक डेटा कंपनी फैक्टसेट रिसर्च सिस्टम्स इंक से अपने करियर की शुरुआत की थी। जहां उनका काम इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनियों से रिलेटेड था। साल 2017 में उन्होंने अपनी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च को शुरू किया था।  

Hindenburg रिसर्च दरअसल, एक फॉरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म है जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव्स का विश्लेषण करती है। हिंडनबर्ग में किसी भी कंपनी में हो रही गड़बड़ी का पता लगाकर उस पर Detailed रिपोर्ट तैयार की जाती है और फिर उसे पब्लिश किया जाता है। इनमें अकाउंटिंग में गड़बड़ी, मैनेजमेंट के स्तर पर खामियां और अनडिस्क्लोज्ड रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस जैसे कारणों पर विशेष तौर पर ध्यान दिया जाता है। ऐसा बताया जाता है कि ये प्रॉफिट कमाने के लिए टारगेट कंपनी के खिलाफ बेट लगाती है। फर्म की वेबसाइट पर लिखा गया है कि ये 'Man-Made Disasters' पर नजर रखती है। 

Hindenburg कंपनी को यह नाम 6 मई 1937 में न्यू जर्सी के मैनचेस्टर टाउनशिप में हुए हिंडनबर्ग एयरशिप एक्सीडेंट के नाम पर रखा गया है. साल 2017 में अपनी शुरुआत के बाद अब तक ये फर्म लगभग 16 कंपनियों में कथित गड़बड़ी से संबंधित बड़े खुलासे कर चुकी है। Twitter Inc. को लेकर इसकी रिपोर्ट भी खासी चर्चा में रही थी। मई 2022 में, हिंडनबर्ग ने कहा कि ये छोटा खुलासा था क्योंकि इसका मानना ​​​​था कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के चले जाने पर कंपनी को टेकओवर करने के लिए एलोन मस्क का 44 बिलियन डॉलर का ऑफर कम पड़ सकता है। हिंडनबर्ग कॉरपोरेट वर्ल्ड में सभी गलत कामों का ट्रैक रिकॉर्ड रखती है और फिर इन कंपनियों को शॉर्ट करती है। अब हिंडनबर्ग ने एशिया के सबसे अमीर इंसान गौतम अडानी को लेकर अपनी रिसर्च रिपोर्ट सामने रखी है।

हिंडनबर्ग रिसर्च के फाउंडर नाथन एंडरसन पहले इजराइल में एंबुलेंस के ड्राइवर भी रह चुके हैं। वो हैरी मार्कपोलोस को अपना रोल मॉडल मानते हैं, जो एक एनालिस्ट हैं और बर्नी मेडॉफ की फ्रॉड स्कीम का पर्दाफाश करने के लिए जाने जाते हैं। अडानी ग्रुप को लेकर आई एंडरसन की रिसर्च रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के लोन पर सवाल खड़े किए गए हैं। इसमें दावा किया है कि (GFX IN) अडानी  ग्रुप की 7 प्रमुख कंपनियां जो शेयर मार्केट में लिस्टेड हैं, उनमें 85 फीसदी से अधिक ओवरवैल्यूड हैं। हिंडनबर्ग रिसर्च की लेटेस्ट रिपोर्ट में अडानी ग्रुप से 88 सवाल किए गए हैं। (GFX OUT) फर्म का दावा है कि 106 पेजेस की ये रिपोर्ट दो साल में तैयार की गई है। रिपो्र्ट आने के बाद जहां उन्होंने एक ही दिन में अडानी ग्रुप ने 6 अरब डॉलर की बड़ी रकम गवां दी थी। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी इनमें गिरावट देखने को मिल रही है. वहीं बीते दो कारोबारी दिनों की बात करें तो (GFX IN)  अडानी समूह के शेयरों की बाजार वैल्यू 2.37 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, Adani Group के 10 शेयरों का Market Cap 24 जनवरी को 19.20 लाख करोड़ रुपये से 12 फीसदी गिरकर अब 16.83 लाख करोड़ रुपये हो गया है। 

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!