बल्लेबाज सरफराज खान क्यों नहीं बना पाए टीम इंडिया के प्लेइंग-11 में जगह ?

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क्रिकेटजगत में इन दिनों स्टार बल्लेबाज सरफराज खान का नाम खूब गूंज रहा है. दरअसल 9 साल घरेलू क्रिकेट में खेलने के बाद आखिरकार टीम इंडिया में एंट्री मिली, लेकिन ऐन वक्त पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में प्लेइंग-11 में सरफराज खान को मौका नहीं मिला. जिसके बाद सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा देखने को मिला क्योंकि रजत पाटीदार को टीम में खिलाया गया जबकि सरफराज खान को लेकर उम्मीदें ज्यादा लगाई जा रही थी. जिसकी वजह उनका परफार्मेंस है. हाल ही में सरफराज ने घरेलू क्रिकेट में इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ 160 गेंदों पर 161 रन की पारी खेली थी. 45 फर्स्ट क्लास मैचों में वो 14 सेंचुरी जड़ चुके हैं. इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ शतक जड़ने से पहले उन्होंने हाफ सेंचुरी जड़ी थी. वो सीरीज के पहले मैच में 96 रन बनाकर आउट हुए थे.


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरफराज को टीम में जगह नहीं मिलने के बाद महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का भी गुस्सा फूट पड़ा था और उन्होंने रणजी ट्रॉफी को बंद कर देने तक की बात कह डाली. 25 साल के सरफराज खान ने अबतक 37 फर्स्ट क्लास मैचों में 3505 रन बनाए हैं, जिसमें 13 शतक और 9 अर्धशतक निकले. सरफराज खान का Highest स्कोर नाबाद 301 और औसत लगभग 80 का है. फर्स्ट क्लास औसत के मामले में सरफराज खान ऑस्ट्रेलियाई लीजेंड डॉन ब्रैडमैन को टक्कर देते है.

 

 

दिग्गजों ने टीम इंडिया में खिलाने की वकालत की

कमाल की बात ये है कि पिछले तीन रणजी ट्रॉफी सीजन को मिलाकर सरफराज का एवरेज 100 से ऊपर का रहा है. ऐसे में सरफराज को टेस्ट टीम में नहीं चुना जाना आश्चर्यजनक है. बता दें सरफराज खान लंबे समय से टीम इंडिया का दरवाजा खटखटा रहे थे लेकिन उन्हें दूसरे टेस्ट मैच में नजर अंदाज कर दिया गया. AB डिवीलयर्स से लेकर पूर्व दिग्गज क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी सरफराज खान को टीम में खिलाने की वकालत की थी लेकिन उनको मौका नहीं मिला. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरफराज़ खान को 2009 में लोगों ने 'अगला तेंदुलकर' जैसे उपनाम देना शुरू कर दिए थे. दरअसल 2009 में सरफराज खान ने सचिन तेंदुलकर का एक बेहद ही खास रिकॉर्ड को तोड़ा था. उन्होंने स्कूल लेवल के मशहूर 'हैरिस शील्ड' टूर्नामेंट में 439 रन बनाकर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. सचिन ने 346 रन बनाए थे. इसी पारी ने उन्हें रातोरात स्टार बना दिया था और हर किसी की नजरें मुंबई के इस युवा बल्लेबाज पर टिकी थीं. फिर सरफराज खान पर उम्र की हेराफेरी का भी आरोप लगा, लेकिन उन्होंने इस दौर को भी पीछे छोड़कर लगातार परफॉर्मेंस करने के दम पर मुंबई की अंडर-19 टीम तक पहुंचे और बाद में भारत की अंडर-19 टीम में सेलेक्शन हुआ. तब से ही सरफराज खान के रन बनाने का सिलसिला जारी रहा है उन्होंने रणजी ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन के जरिए टीम इंडिया में जगह बनाई.

 

 

 

इस 26 साल के खिलाड़ी का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत ये है कि वो आसानी से संतुष्ट नहीं होते. वो हर दिन 600 गेंदें खेलते हैं और एक मैच में जब तक वो 300 गेंदें नहीं खेल पाते तब तक उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने कुछ खास किया है.

एक नजर रिकॉर्ड्स पर 

37 फर्स्ट क्लास मैच, 79.65 औसत, 3505 रन, 13 शतक, 9 अर्धशतक

26 लिस्ट-ए मैच, 39.08 औसत, 469 रन, 2 शतक

50 IPL मैच, 585 रन, 22.50 औसत, 1 अर्धशतक

पिछले तीन रणजी सीजन में सरफराज का प्रदर्शन

रणजी 2019/20 में - 928 रन, 154.7 का औसत

रणजी 2021/22 में - 982 रन, 122.8 का औसत

रणजी 2022/23 में - 556 रन, 92.6 का औसत

इंडिया ए के लिए 2024 में - 186 रन, 52 का औसत

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले और मुंबई की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले सरफराज खान को अब टीम इंडिया में  प्लेइंग-11 में कब मौका मिलता है इस पर पूरे देश की निगाहें लगी हुई है.

 

 

कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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