Marriage के बाद घूमने जाने के टाइम को Honeymoon ही क्यों कहते हैं?

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शादियों का सीज़न शुरू हो चुका है और शादी का मतलब ही धमाल और मस्ती से है। ये वो वक्त होता है जब आप अपने पार्टनर के साथ शादी के बंधन में बंधकर सामाजिक रीति रिवाजों और परम्पराओं के वचनों के साथ इस बात का भरोसा दिलाते हैं कि आप जिन्दगीभर उसका हाथ और साथ नहीं छोड़ेंगे। इस जश्न को सेलीब्रेट करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने पार्टनर के साथ कुछ वक्त बिताएं और इसके लिए हनीमून से बेहतर कुछ भी नहीं... शादी के बाद कपल के घूमने जाने के इस ट्रिप को ही हनीमून कहते हैं... लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर इसे हनीमून ही क्यों कहते हैं... क्या है इस नाम की कहानी 

पहली बार ये शब्द करीब 4000 साल पहले बाबुल में आया था और बेबीलोनियन कैलेंडर चंद्रमा पर बेस्ड था इसलिए शादी के बाद के महीने को हनीमंथ के तौर पर जाना जाता था, जिस दौरान दुल्हन के पिता दूल्हे को अनलिमिटेड फूड प्रोवाइड करते थे। जिसे मीड कहा जाता था। मीड के बारे में अनजान लोगों के लिए, ये एक शहद का काढ़ा है जिसका इम्पैक्ट नशीला होता था। जो कि यूरोपीय रिवाज के मुताबिक माना जाता है। 

हालांकि हनीमंथ धीरे-धीरे हनीमून में बदल गया और कहा जाता है कि ये पुराने अंग्रेजी शब्द हनीमून से बना है। इसमें हनी शब्द का मतलब नई शादी की स्वीटनेस और खुशी से है। शादी के बाद होने वाली खुशी को हनी से जोड़कर देखा गया है। इसके साथ ही यूरोपियन कस्टम में जब शादी होती है तो कपल को एक एल्कोहॉलिक ड्रिंक पिलाई जाती है, जो शहद और पानी से बनी होती है। इस वजह से भी इस वक्त को हनी से जोड़ा जाता है।

वहीं, अगर मून की बात करें तो मून बॉडी के साइकिल को बताता है यानी इसे एक समय के तौर पर देखा गया है। दरअसल, चांद के आधार पर ही समय की गणना की जाती रही है और उसे समय के तौर पर जाना जाता है। इसलिए हनी मतलब खुशी और मून मतलब समय से है। इसलिए इस खुशी से भरे वक्त को हनीमून पीरियड कहा जाता है। फ्रेंच में इसे ल्यून डे मील कहा जाता है। जर्मन में इसे फ़्लिटरवोचेन कहा जाता है। जो फ़्लिटर शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब है टिनसेल... 

हनीमून शब्द का प्रयोग फ्रांसीसी में कम से कम 18वीं शताब्दी से किया जाता है, लेकिन 19वीं शताब्दी की दूसरी तिमाही में इसका इस्तेमाल ज्यादा होने लगा। इस वक्त को अलग-अलग तरह से गुजारने की परंपरा है। साल 1804 में ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के मुताबिक, जोहान कार्ल ऑगस्ट मुसाउस की तरफ से जर्मन लोक कथाओं के कलेक्शन में इसकी शुरुआत हुई। बाद वाला लंदन में प्रकाशित एक और कहानी संग्रह था और इसे मारिया एडगेवर्थ ने लिखा था। 

 

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