क्या शाहरुख खान की 'पठान' का बिजनेस, बायकॉट ट्रेंड को खत्म कर सकेगा? |

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शाहरुख खान अपनी कमबैक फिल्म 'पठान' से बॉलीवुड की चमक को वापस ले आएं है, जो थियेटर्स बंद थे, वो भी पठान के इस्तकबाल के लिए खुल गए। माइल्डस्टोन सेट कर चुकी कई नामचीन फिल्मों के रिकार्ड को तोड़ने के बाद 'पठान' का बिजनेस भी हजार करोड़ के पार जल्द ही पहुंच जाएगा। लेकिन 'पठान' ने जो एक और उपलब्धि हासिल की है। वो है बायकॉट ट्रेंड में शामिल होने के बाद भी फिल्म की दर्शकों तक पहुंच और फिल्म का बिजनेस। पठान अपने लिए बायकॉट ट्रेंड को खत्म करके आगे निकल सकी, इसके कुछ अहम कारण रहे हैं।

फिल्म की ओरिजनल कहानी

पहला सबसे बड़ा कारण जिसने 'पठान' की साख को बचाया, वो था फिल्म की स्टोरी का ओरिजनल होना। पठान ओरिजनल फिल्म थी, कई क्रिटिक्स ने फिल्म की कहानी को सिंपल कह दिया, लेकिन ये एक ओरिजनल फिल्म थी। इसीलिए जब ये थियेटर्स में लगी, तो ये बॉलीवुड के कॉपी-पेस्ट वाले एंगल से काफी आगे थी। इससे पहले कई बार कई बड़े स्टार्स की फिल्मों के हुबहू कॉपी-पेस्ट होने के कारण से दर्शको को वो फिल्में कुछ खास पसंद नहीं आई।

फीमेल कैरेक्टर का अहम रोल

फिल्म में कई युवा और नए चेहरों को जगह मिली। साथ ही फिल्म के स्पाई सबजेक्ट में फीमेल कैरेक्टर जोकि दीपिका पादुकोण ने निभाया है। उन्हें सिर्फ सजावट के लिए फिल्म में नहीं रखा गया है। दीपिका पादुकोण का ऐज फीमेल रोल एक मेन कैरेक्टर है, जो हीरो और विलेन दोनों को ही पटखनी देने की काबिलियत से सजाया गया है। दीपिका पादुकोण ने प्रेस कांफ्रेस में बताया भी कि उन्हें एक्शन मूवीज ऑफर नहीं होती, जबकि एक्शन मूवी उन्हें काफी पसंद भी है। और फिल्म में भी दीपिका पादुकोण बेहेतरीन एक्शन कर रहीं हैं। हालांकि..ये भी रियलिटी है कि स्पाई यूनिवर्स में फीमेल्स स्पाई के कैरेक्टर्स को सिर्फ खाना-पूर्ति के लिए नहीं रखा जाता है। इससे पहले भी फिल्मों में फीमेल स्पाई ने अच्छा रोल निभाया है।

जॉन अब्राहम का नेगेटिव रोल

वहीं, जॉन अब्राहम को नायक पट्टी से हटाकर ग्रे शेड कैरेक्टर यानी विलेन के तौर पर चुना गया। जो कुछ नया था, वहीं चहेते हीरोज एक साथ एक फिल्म में आए। जॉन अब्राहम और शाहरुख खान के साथ ही सलमान खान के कैमियो ने भी फिल्म को हिट करने में एक अहम रोल निभाया।

बेशरम रंग गाने से उठी थी बायकॉट की मांग

वैसे, पठान को भी हैशटैग बायकॉट बॉलीवुड में शामिल किए जाने की पूरी कोशिश हुई। पहले गाने बेशर्म रंग पर सवाल उठे, सीन एडिट हुए। और फिर पीएम मोदी ने नेताओं को बयानबाजी न करने को कहा। हालांकि इसके बाद भी थियेटर्स में पर्दे जलाने की धमकियों की बात निकलकर सामने आई। लेकिन 25 जनवरी को रिलीज के साथ ही थियेटर्स के बाहर पूरी-पूरी मिलिट्री तक तैनात कर दी गई। और अब पठान लंबा बिजनेस कर रही है।

पठान करेगी # Boycott Bollywood को खत्म?  

वैसे, पिछले कुछ समय से बायकॉट ट्रेंड को कई सीरियस टॉपिक से ध्यान भटकाने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जा रहा था। पिछला साल जहां बॉलीवुड के लिए काफी निराशाजनक रहा था। वहीं ये साल बॉलीवुड के लिए अच्छी शुरुआत लेकर आया है। हालांकि पिछले साल जिन बिग स्टार्स की फिल्में कमाई नहीं कर पाईं थी, उन्हें फिल्म क्रिटिक्स ने भी कोई खास रोटिंग नहीं दी थी। लेकिन इतने बडे-बड़े बजट की फिल्मों के बायकॉट ट्रेंड में शामिल होने से मेकर्स मुश्किल में बढ़ती दिखी हैं। लेकिन 2023 की पहली सबसे बड़ी फिल्म पठान को इस ट्रेंड से फायदा हुआ। हालांकि अभी ये कहना कि पठान के बाद से बॉलीवुड बायकॉट ट्रेंड खत्म हो जाएगा, कुछ जल्दी होगी। लेकिन इससे बॉलीवुड मेकर्स की उम्मीदें जरुर दुरुस्त होंगी। पठान के हजार करोड़ के आंकडा छूने के करीब है। 

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