दुनिया का आखिरी Boeing-747 होने जा रहा रिटायर, जानें इस विमान में क्या था खास

Home   >   खबरमंच   >   दुनिया का आखिरी Boeing-747 होने जा रहा रिटायर, जानें इस विमान में क्या था खास

270
views

क्वीन ऑफ एयर जंबो जेट कहा जाने वाला दुनिया का पहला बोइंग 747 विमान अब रिटायर होने जा रहा है। अमेरिका की बोइंग कंपनी अब बोइंग 747 नहीं बनाएगी। लॉन्च के 53 साल बाद कंपनी ने इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया है। ये विमान अपने आकार और लक्जरी होने की वजह से सुर्खियों में रहा, लेकिन अब ये नजर नहीं आएगा। 

30 सितंबर, 1968 ये वो पल था, जब दुनिया ने पहली बार बोइंग-747 के रूप में इतना बड़ा हवाई जहाज देखा था, ये किसी अचम्भे से कम नहीं था। जंबो जेट के नाम से फेमस बोइंग 747 विमान दुनिया में सबसे ज्यादा पहचाने जाने वाला विमान है। इंडिया में भी ये बेहद फेमस रहा। ये वही लक्जरी विमान है जिसके जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अफ्रीकी देश नामीबिया से 8 चीतों को भारत लाया गया था। बोइंग 747 की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सऊदी अरब के किंग, चीनी राष्ट्रपति का ये पसंदीदा विमान हुआ करता था। कंपनी ने आखिरी बोइंग विमान को एटलस एयर कंपनी को डिलीवर किया। ये सभी के लिए भावुक कर देने वाला पल था। अमेरिका की मशहूर विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने 30 सितंबर, 1968 को पहले 747 का सिएटल फैक्ट्री में निर्माण किया था। इसके बाद 22 जनवरी 1970 से जंबो युग शुरू हुआ। 1971 में एयर इंडिया को अपना पहला जंबो जेट मिला था। इसके बाद इसमें काफी बदलाव किए गए। लगातार इंजीनियर इसकी निगरानी करते थे, जो कमियां होती थीं उसमें सुधार करते थे। एयर इंडिया ने अब तक 16 बोइंग 747 का इस्तेमाल किया है। इनमें से कई कंडम हो चुके हैं और बचे हुए आखिरी एयर इंडिया के चार बोइंग 747 ने फरवरी 2020 के बाद उड़ान नहीं भरी।
 
बोइंग 747 की खासियत
 
बोइंग लंबा, चौड़ा और लंबी दूरी का उड़ने वाला प्लेन है। इस लक्जरी विमान की पहली उड़ान 9 फरवरी 1969 को हुई थी। इसी विमान का एक वैरिएंट बोईंग वीसी-25 अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरफोर्स वन विमान बनता है। इस विमान को 3 लोग एक साथ उड़ाते हैं, पहला कैप्टन, दूसरा फ्लाइट ऑफिसर और तीसरा फ्लाइट इंजीनियर। सबसे खास बात ये है कि इस प्लेन को अपने हिसाब से डिजाइन किया जा सकता था, जिससे इसे रेस्तरां या होटल का रूप दिया जा सके। साथ ही दो फ्लोर होते हैं। इसमें एक साथ अधिकतम 600 यात्री तक सफर कर सकते हैं। बोइंग 747 को इसलिए लॉन्च किया गया था, ताकि यात्री बिना रुके लंबी दूरी का सफर तय कर सकें। हालांकि, इसकी जरूरत तब समाप्त हो गई, जब इसकी तुलना में छोटे और ईंधन कुशल विमानों ने भी इस कार्य को अंजाम देना शुरू कर दिया। दरअसल, नासा इस विमान के एक वैरिएंट से अंतरिक्ष स्पेस शटल को लाने-ले जाने का काम करती थी। इस विमान के अलग-अलग वैरिएंट की लंबाई 184.9 फीट से लेकर 250.2 फीट तक है। अलग-अलग वैरिएंट में 1.84 लाख लीटर से लेकर 2.38 लाख लीटर फ्यूल आता है। ये 939 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है। ये विमान 9250 फीट से अधिकतम 10,900 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। 
पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!