Worlds First Flight : आखिर क्या हुआ था जब पहली बार Plane उड़ा

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ये वो दौर था जब लोगों के लिए हवा में उड़ना सिर्फ एक ख्वाब था। लेकिन इंसान ने अपनी बुद्धि और साइंस की मदद से इस ख्वाब को सच कर दिखाया और बना डाला हवाई जहाज। क्या आप जानते हैं कि लोगों ने पहली बार हवाई जहाज में कब सफर किया। इसे उड़ाने वाला पहला पायलट कौन था। उसमें सफर करने के लिए लोगों को कितना किराया देना पड़ा। और वो उड़ान किन दो शहरों के बीच थी। इन सारे सवालों के जवाब हम आपको बताएंगे।

ये कहानी है आज से लगभग 109 साल पहले की। साल 1914 को दुनिया के पहले पैसेंजर प्लेन ने उड़ान भरी थी। एक प्लेन जिसका डिजाइन सेंट लुई के थॉमस बेनवा ने किया था। उस प्लेन को अमेरिका के फ्लोरिडा में दो शहरों के बीच उड़ान भरी थी। वो दो शहर थे - सेंट पीटर्सबर्ग और टाम्पा ।

इस प्लेन को ट्रेन से सेंट पीटर्सबर्ग लाया गया था। इसका वजन था 567 किलो। लंबाई 8 मीटर और चौड़ाई 13 मीटर। इसमें सिर्फ पायलट और एक ही पैसेंजर के बैठने की जगह थी। पैसेंजर के बैठने के लिए लकड़ी की सीट लगाई गई थी।

इसको उड़ाने वाले पायलट का नाम टोनी जेनस था। प्लेन में एक ही पैसेंजर बैठ सकता था तो उसके टिकट की नीलामी की गई। करीब तीन हजार लोग सेंट पीटर्सबर्ग के उस वॉटरफ्रंट पर आए जहां टिकट की नीलामी होनी थी। बिजनेसमैन फील नाम के एक व्यक्ति को प्लेन में बैठने का मौका मिला। ये दुनिया का पहला हवाई टिकट था।  इसकी नीलामी 400 डॉलर में हुई थी। आज के समय के हिसाब से देखें तो लगभग 12000 डॉलर यानी लगभग 9 लाख 80 हजार रुपये के बराबर। इस प्लेन ने पानी के ऊपर से उड़ान भरी थी। जेनस प्लेन को पानी की सतह से लगभग 50 फीट से ज्यादा ऊपर नहीं लेकर गए। रास्ते में प्लेन में खराबी आ गई और वो लगभग पानी की सतह तक आ गया था, तब जेनस ने अपने कौशल का इस्तेमाल करते हुए कुछ चीजें ठीक की और प्लेन ने दोबारा से उड़ान भरनी शुरू कर दी। प्लेन ने सेंट पीटर्सबर्ग और टाम्पा के बीच करीब 34 किमी की दूरी को 23 मिनट में पूरी की। जब ये प्लेन टाम्पा में लैंड हुआ तो वहां 3,500 से ज्यादा लोगों ने तालियां बजाते और जश्न मनाते हुए जेनस और फील का स्वागत किया। वो सभी उस इतिहास के साक्षी बने जो आने वाले समय में क्रांति बन गया। इसके बाद से प्लेन हफ्ते में छह दिन उड़ान भरता। पहले प्लेन की टिकट की नीलामी हुई थी। लेकिन अब एक किराया तय कर दिया गया था। 5 डॉलर। आज के हिसाब से लगभग 150 डॉलर यानी लगभग 12 हजार रुपये। करीब चार महीनों में कुल 1,205 पैसेंजर को सेवा देने के बाद इस प्लेन का संचालन बंद हो गया। लेकिन इसने आने वाले वक्त में पैसेंजर एयरलाइन के नए दौर का रास्ता खोला। मौजूदा वक्त में हजारों एयरलाइंस कंपनियां रोज लाखों लोगों को अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचा रही है।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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