पहलवानों और कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की लड़ाई सम्मान की या सियासी!

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भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों का धरना फिर शुरू हो गया है। विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक समेत देश के टॉप रेसलर्स पिछले 3 दिन से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमे हुए हैं। पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन शौषण का आरोप लगा FIR दर्ज करने की मांग की है। FIR न दर्ज होने पर पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया और कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अब इस स्टोरी में जानेंगे आखिर मामला क्या है, क्यों पहलवान दोबारा जंतर-मंतर बैठे हैं।

बृजभूषण शरण सिंह यूपी के गोंडा के कैसरगंज लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद हैं। बृजभूषण पूर्वांचल के बाहुबली नेता माने जाते हैं और अबतक 6 बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। इसके साथ ही 2011 से लेकर अबतक लगातार तीन बार कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद पर काबिज़ हैं। 

बता दें कि जनवरी महीने में इन्हीं पहलवानों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सिंह के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार ने जांच के लिए 6 सदस्य कमेटी का गठन किया था। जिसका अध्यक्ष बॉक्सर मैरीकॉम को बनाया गया था, डोला बनर्जी, बैडमिंटन प्लेयर अलकनंदा अशोक, रेसलर योगेश्वर दत्त, इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष सहदेव यादव इसके सदस्य थे। मैरीकॉम गठित कमेटी को एक महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था और तब तक के लिए बृजभूषण शरण सिंह को अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया था। करीब ढाई महीने बाद अप्रैल के पहले हफ्ते में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। लेकिन ये रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कि जिसको लेकर पहलवानों ने आपत्ति जताई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पहलवान बजरंग पूनिया का कहना है कि रिपोर्ट तैयार करने के दौरान निष्पक्ष जांच नहीं की गई और इस रिपोर्ट में बृजभूषण शरण सिंह को क्लीन चिट देने की कोशिश की गई है। हम इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं इसलिए हमने FIR दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने दर्ज नहीं की। अब हम जंतर मंतर से तब तक नहीं हटेंगे जबतक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो जाती।"

पहलवानों ने जारी किया वीडियो संदेश

इस बीच पहलवानों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर देश की तमाम राजनीतिक पार्टियों और खाप पंचायतों से हाथ जोड़कर समर्थन मांगा है। वहीं, इस आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर ये भी चर्चा है कि दोनों के बीच असल लड़ाई कुश्ती संघ पर कब्जे की है। जिसमें पहलवानों की लॉबी का पर्दे के पीछे से हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा नेतृत्व कर रहे हैं। क्योंकि इन्हीं को हराकर बृजभूषण शरण सिंह ने पहली बार भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष का चुनाव जीता था।

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) बनाएगी एडहॉक कमेटी

फिलहाल पहलवानों के प्रदर्शन की वजह से कुश्ती संघ के चुनाव पर रोक लग गई है। खेल मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) एक एडहॉक कमेटी बनाएगी। जो 45 दिनों के अंदर कुश्ती महासंघ का चुनाव करवाएगी और ये कमेटी ही खिलाड़ियों के रोजमर्रा के कामों पर नजर रखेगी।

अब देखने वाली बात ये है कि क्या आने वाले समय में बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ेंगी या नहीं। 

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