Satish Kaushik : 'मैं भी एक एक्टर हूं जी'

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एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर सतीश कौशिक (Satish Kaushik) ने 1981 की फिल्म 'चक्र' में पहली बार एक बूट पॉलिश करने वाले का छोटा सा रोल किया। 1983 की फिल्म 'मासूम' से अस्सिटेंट डायरेक्टर भी बनें और फिर ये सफर चार दशकों तक चलता रहा।

 

'जैसा सोचा थावैसा नहीं है बॉलीवुड

ये 90 का दशक था, एक दिन मुंबई में किसी स्टूडियो में एक्टर अनिल कपूर एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। वहां उनका इंटरव्यू लेने एक जर्नलिस्ट आई हुई थीं। इंटरव्यू खत्म होने के बाद जब वो गेट से निकलने लगीं तभी उन्हें किसी ने रोका और थोड़ा सा शरमाते हुए कहा 'क्या आपकी मैगजीन में सिर्फ अनिल कपूर का इंटरव्यू ही छपता है? मैं भी एक एक्टर हूं जी।' इस दौरान दोनों ही लोग थोड़ा सा मुस्कुराये। खैर उनका उस वक्त इंटरव्यू तो नहीं हुआ पर उन रिपोर्टर साहिबा ने उससे गुफ्तगू जरूर की। पूछा कि 'बॉलीवुड उन्हें रास आ रह है या नहीं?'  थोड़ा सा उदास होकर वो एक्टर बोले – 'जैसा सोचा था, वैसा नहीं है बॉलीवुड। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में था तो सोचता था, बॉलीवुड में मेरे जैसे एक्टर की बहुत जरूरत है। ओम पुरी, अनुपम खेर, नसीरुद्दीन शाह की तरह मुझे भी सशक्त भूमिकाएं मिलेगी। लेकिन अभी तक वो सपना पूरा नहीं हुआ।'

'अब आपके सपने पूरे हुए?' 

खैर कुछ साल बीते, अब वो स्ट्रगलर से एक सफल एक्टर और डायरेक्टर बन गए थे। तब उन्हीं जर्नलिस्ट से उनकी फिर से मुलाकात हुई। उन्होंने पूछा की - 'अब आपके सपने पूरे हुए?'  वो बोले –'सपने, सपने होते हैं, लेकिन मैंने ऐसे ऐसे किरदार किए कि खुद भूल गया कि मैं कौन हूं। कभी कैलेंडरकभी पप्पू पेजरकभी मुथुस्वामीकभी शराफत अली। लोगों ने मुझे इतना प्यार दिया जितना हीरो को मिलता है।' ये कोई और नहीं बल्कि एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर सतीश कौशिक थे। साल 1981 की फिल्म 'क्र' में पहली बार एक बूट पॉलिश करने वाले का छोटा सा रोल किया। साल 1983 की फिल्म 'मासूम' से अस्सिटेंट डायरेक्टर भी बनें और फिर ये सफर चार दशकों तक चलता रहा।

'मुझे गंभीर रोल की जरूरत है' 

13 अप्रैल, साल 1956 हरियाणा के महेंद्रगढ़ में सतीश चंद्र कौशिक का जन्म हुआ। नौकरी की वजह से पिता दिल्ली शिफ्ट हुए तो इनकी परवरिश, पढ़ाई-लिखाई दिल्ली में हुई। बचपन से फिल्में देखने शौक। एक्टर महमूद की नकल किया करते। फिल्म 'गाइड' देखी तो फिल्मों में काम करने की प्रेरणा मिली। वक्त गुजरा किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन के बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से एक्टिंग सीखी, और फिर सपनों में रंग भरने मुंबई जा पहुंचे। अपने स्ट्रगल के दिनों में दिए गए एक इंटरव्यू में सतीश कौशिक ने बताया था कि'कॉमेडी के अवसर तो कई आ रहे हैं लेकिन मुझे गंभीर रोल की जरूरत है। अगर मुझे भी 'सारांश' जैसी फिल्में मिले तो दर्शक मेरे अभिनय का एक और पहलू देख सकते हैं।'

'कॉमेडी भी कोई आसान काम नहीं है

फिर कुछ सोच कर बोले, 'लेकिन सच कहूं कॉमेडी भी कोई आसान काम नहीं है। कॉमेडी वही कर सकता है जिसने जिंदगी के कठिन हालातों को झेला है। मैं आसानी से कॉमेडी कर सकता हूं, क्योंकि मैं एक छोटे शहर से आया हूं। मैंने जीवन की त्रासदियों को हंसी हंसी में झेला है।'

एक घटना ने तोड़ कर रख दिया

मुंबई आने के बाद बॉलीवुड में पैर जमे तो अपना घर बसाने की भी सोची। पर एक घटना ने उन्हें तोड़ कर रख दिया। दरअसल साल 1985 में उन्होंने शशि कौशिक से शादी की। 9 साल बाद एक बेटा हुआ उनका नाम रखा - शानू कौशिक। लेकिन बेटे शानू कौशिक का सिर्फ दो साल की उम्र में ही निधन हो गया। ये साल था 1996 जब वो अपने अपने काम को लेकर फोकस नहीं कर पा रहे थे। काफी वक्त बाद वो सदमे से बहार आए। फिर करीब 15 साल बाद एक बार फिर सतीश कौशिक और उनकी पत्नी शशि कौशिक ने सरोगेसी से अपनी बेटी वंशिका कौशिक को जन्म दिया। 

'मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं है' 

साल 2023, हर जगह होली का उल्लास था। गीतकार और लेखक जावेद अख्तर के घर पर सतीश कौशिक ने भी जमकर होली खेली। फिर अगले दिन वो दिल्ली आ गए वो अपने रिश्तेदारों से मिलने निकल पड़े थे। उन्होंने सबको अपने आने की खबर दी। कहा – 'मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं है, सब लोग एक साथ आकर मिल लें।' शायद अपने जाने का आभास हो चुका था। अभी शरीर से होली का रंग छूटा भी नहीं था कि उन्होंने जिंदगी के हर रंग को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। चेहरे पर हमेशा मुस्कान रखने वाले सतीश कौशिक 9 मार्च साल 2023 को 67 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गए।

'मेरी स्लिम ट्रिम फोटो छपेगी' 

बतौर एक्टर करीब 120 फिल्में की। 15 से ज्यादा फिल्में डायरेक्ट की। दो बार फिल्मफेयर मिला। कई सारी वेबसीरीज और टीवी सीरियल में भी नजर आए। इस साल उनकी फिल्म 'कागज 2'  रिलीज हो चुकी है और आने वाले दिनों में रिलीज हो रही फिल्म 'इमरजेंसी' में भी वो नजर आएंगे। पर अफसोस बड़े पर्दे पर वो खुद को देख नहीं पाएंगे। स्ट्रगल के दिनों में पहली बार इंटरव्यू नहीं यूं ही सतीश कौशिक से गुफ्तगू करने वाली जर्नलिस्ट जब कई सालों बाद दोबरा मिलीं तो उन्होंने सतीश कौशिक से एक सवाल पूछा कि  'अब आप जीवन को समझने में और कितना आगे बढ़े चुके हैं।' तब सतीश कौशिक जवाब देते हैं कि 'मैं एक बात समझ गया कि, सब कुछ एक तरफ और स्वास्थ्य एक तरफ। देव आनंद साहब अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग थेमेरा जिगरी दोस्त अनिल कपूर, अनुपम खेर, अक्षय कुमार भी इसको लेकर अलर्ट हैं। 'मैंने भी स्वास्थ्य के लिए संजीदगी बरतना शुरू कर दिया है। वैसे मुझे कोई समस्या नहीं, लेकिन थोड़ा फैट घटाना है। उम्मीद है अगली मुलाकात में मेरी स्लिम ट्रिम फोटो आपकी मैगजिन में छपेगी।'

 

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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