Rahul Dravid : T20 World Cup जीतने के बाद भुला दिया 17 साल पहले का ग़म।

Home   >   रनबाज़   >   Rahul Dravid : T20 World Cup जीतने के बाद भुला दिया 17 साल पहले का ग़म।

31
views
https://www.youtube.com/watch?v=YSzof1Pve9A

जब करना पड़ा था हार का सामना

साल था 2007 और जगह वेस्टइंडीज। जहां ODI वर्ल्ड कप का आयोजन हो रहा था। क्रिकेट को चाहने वाला हर भारतीय उस दिन को कभी नहीं भूल सकता। जब ग्रुप स्टेज में ही टीम इंडिया को शर्मनाक हार के साथ बाहर का रास्ता देखना पड़ा। इस हार से गुस्साए लोगों ने स्टार क्रिकेटरों के खिलाफ सड़कों पर जुलूस निकले, उन्हें बुरा भला कहा। क्योंकि उन्हें ये हार सता रही थी। लेकिन ये हार इंडियन क्रिकेट में द वॉल के मशहूर क्रिकेटर राहुल द्रविड़ के लिए बर्दाश्त से भी बाहर थी, क्योंकि तब वो टीम के कैप्टन थे। तब उनका दिल नहीं टूटा था, दिमाग में गहरा सदमा और दामन में गहरा दाग लगा था।

17 साल पहले का पल दोबारा लौटा

कहते हैं जिंदगी फिर से उसी मोड़ पर लाकर खड़ी कर देती है जहां से हम गुजर चुके होते हैं। देखते ही देखते 17 सालों का वक्त गुजरा। T20 वर्ल्ड कप का खिताब और जगह वहीं - बेस्टइंडिज। इस बार राहुल द्रविड़ इंडियन क्रिकेट टीम के कैप्टन नहींबल्कि कोच के रूप में जीतने का ख्वाब लिए पूरी मेहनत से अपना काम कर रहे थे। 17 सालों का ये इंतजार कैसे गुजरा इसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता। ये ही मौका था उनको अपने 17 साल के दर्द को कम करने का। अपने ऊपर लगे दाग को छुड़ाने का। और ये और भी जरूरी हो गया क्योंकि कोच के रूप में इंडियन टीम से जुड़ने का इनका ये आखिरी मौका था।

और महसूस करवाया करोड़ों भारतीयों को गौरवान्वित

कोच के रूप में राहुल द्रविड़ और कप्तान के रूप में रोहित शर्मा। इस बार T20 वर्ल्ड कप के पूरे टूर्नामेंट में इंडियन टीम ने ऐसा खेला कि कोई भी टीम सामने टिक न सकी। ये राहुल द्रविड़ की कोचिंग का कमाल था कि टीम ने T20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतकर करोड़ों भारतीय को गौरवान्वित महसूस कराया। ये किस्मत का खेल ही था टीम इंडिया के साथ राहुल द्रविड़ का आखिरी सफर उसी जमीन पर खत्म हुआ जहां 17 साल पहले उनकी कप्तानी का दौर खत्म हुआ था। राहुल द्रविड़ वेस्टइंडीज में जीरो साबित हुए थे उसी वेस्टइंडीज की सरजमीं में वो हीरो बने और 17 साल पुराने गम को हमेशा के लिए पीछे छोड़कर खुशी के साथ आगे बढ़ गए।

वो दौर आया जब फाइनल तक भी नहीं पहुंचा भारत

1983 में इंडियन क्रिकेट टीम ने पहली बार ODI क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता तो पूरी दुनिया में चर्चा हुई। फिर अगली बार विश्व विजेता बनने में 24 साल का लंबा वक्त लगा। साल 2007 में T20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद 04 सालों का वक्त और गुजारा साल आया 2011, इंडियन टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर ODI क्रिकेट वर्ल्ड कप दोबारा से कब्जा जमाया। फिर वो दौर आया कि जब भारत किसी वर्ल्ड कप में फाइनल तक नहीं पहुंच

चैंपियन बनाने की उम्मीदों का था भार

2007 का मैच हारने के बाद कप्तानी छोड़ दी थी और फिर पहले T20 वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लेने से मना कर दिया था। वो साल 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का भी हिस्सा नहीं थे। इतना कुछ देखने और चूकने के बाद राहुल द्रविड़ साल 2021 में टीम इंडिया के कोच बनाए गए। साल 2011 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वो फिर से लौटे इस बार उन पर टीम को चैंपियन बनाने की उम्मीदों का भार था।

जीत के साथ खत्म हुआ सफर

राहुल द्रविड़ के रहते ही टीम इंडिया ने दो बार साल 2023 ICC वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप और साल 2023 में ही ODI वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह भी बनाई। पर किस्मत बेहतरीन खेल खेलने के बाद भी इंडिया जीतने से चूक गई। दोनों ही मौकों पर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। वही ऑस्ट्रेलियाजिसने 21 साल पहले यानी साल 2003 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को खिताब जीतने से रोका थातब राहुल द्रविड़ इंडिया के उप-कप्तान थे। ODI र्ल्ड कप 2023 खत्म होने के साथ ही द्रविड़ का कार्यकाल टीम इंडिया के साथ खत्म हो गया था लेकिन BCCI ने उसे T20 वर्ल्ड कप 2024 तक बढ़ा दिया था। फिर वर्ल्ड कप से ठीक पहले उन्होंने साफ कर दिया था कि वो इस वर्ल्ड कप के साथ ही अपना सफर खत्म करेंगे।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!