Air Conditioner : कब और क्यों लगती है आग? ये जानकारी बचा सकती है नुकसान !

Home   >   Techमंच   >   Air Conditioner : कब और क्यों लगती है आग? ये जानकारी बचा सकती है नुकसान !

16
views

पंखे-कूलर फेल एसी दे रहा राहत

भीषण गर्मी बेहाल कर रही है। उत्तर भारत में पारा हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है। राजधानी दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार, राजस्थान हर तरफ सूरज की तपिश का कहर है। कई इलाकों में पारा 50 के करीब या उससे ज्यादा भी हो गया है। ऐसे में पंखे-कूलर जवाब दे चुके हैं और एसी ही कुछ राहत दे रहा है। लेकिन यही एसी चलाते वक्त कुछ गलतियां कर दीं तो एसी में ब्लास्ट हो सकता है। कुछ दिनों पहले ही नोएडा और मुंबई में एसी में ब्लास्ट हुए हैं। नोएडा की एक हाई-राइज बिल्डिंग में तो एसी ब्लास्ट होने से पूरे फ्लैट में आग लग गई। एसी चलाते वक्त सावधानी बरतें। कुछ जरूरी बातों पर ध्यान दिया जाए तो एसी में ब्लास्ट होने से बचा जा सकता है।

आखिर AC में आग क्यों लगती है?

इसका सबसे बड़ा कारण है गलत तरीके से एसी का रखरखाव और इंस्टॉलेशन। वक्त पर एसी की सर्विस न होना। ज्यादा देर तक एसी चलना। इस वजह से मशीन जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाती है और ये गर्मियों में ब्लास्ट की वजह बन सकता है। एसी में खराब वायरिंग, लूज कनेक्शन और शॉर्ट सर्किट भी ब्लास्ट का कारण बन सकते हैं। एसी में गैस लीकेज से भी ब्लास्ट हो सकता है। एसी में गैस का लेवल कम होने से भी यूनिट ज्यादा गर्म होकर ब्लास्ट हो सकती है। कई बार ऐसा होता है की एसी ठीक से कूलिंग नहीं कर रहा होता लेकिन हम उसे चलाते रहते हैं। ऐसा करने से एसी पर जोर पड़ता है और ये हीट होकर फट सकता है। एक और चीज जिसकी वजह से एसी में ब्लास्ट हो सकता है और वो है टर्बो मोड। कई बार तेजी से कूलिंग चाहने के लिए हम टर्बो मोड   को ऑन कर देते हैं और लंबे समय तक इस मोड में एसी चलाना खतरनाक हो सकता है। जब गर्मी ज्यादा होती है एसी के ट्रिप होने की शिकायत बढ़ जाती हैं। ओवरहीटिंग से एसी के फटने की संभावना बढ़ जाती है।

एसी ब्लास्ट न हो इसके लिए क्या करें?

जब भी घर या ऑफिस में एसी लगवाएं तो हमेशा प्रोफेशनल इलेक्ट्रिशियन या कंपनी से आए टेक्नीशियन को ही बुलाएं। इसके अलावा बीच-बीच में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी करवाते रहें। एसी से थोड़ी भी गैस लीकेज की बदबू आए तो तुरंत इसे ऑफ कर दें और टेक्नीशियन को दिखाएं। टर्बो मोड में कुछ वक्त तक एसी चलाने के बाद इसे वापस नॉर्मल मोड पर कर दें। नॉर्मल स्पीड में एसी चलाने से ब्लास्ट होने के खतरे से बचा जा सकता है। एक सेट टेंपरेचर में एसी को चलाए। इससे कूलिंग ज्यादा होगी और बिजली की खपत भी कम होगी। एसी चलाते समय हर चार से पांच घंटे में 5 से 10 मिनट के लिए ऑफ कर दें। एसी बनाने वाली कंपनियों के मुताबिक एसी की सर्विस एक सीजन में दो बार नहीं तो कम से कम सीजन में एक बार तो करवानी ही चाहिए। साथ में नियमित तौर पर एयर फिल्टर की सफाई करें। अपने मैन्युफैक्चरर से मिले मैनुअल को फॉलो करें और उसी के हिसाब से एसी में गैस डलवाएं। एसी की आउटडोर यूनिट को हो सके तो छांव में रखें और अगर छत या खुले पर यूनिट रखी है तो उसके ऊपर कोई शेड लगवा दें।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!