हैकर्स ने भारतीयों से ठगे 7000 करोड़, समझिए किन देशों से की जा रही धोखाधड़ी और इनसे कैसे बचें?

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देश में साइबर क्राइम इतनी तेजी से बढ़ता जा रहा है, कि इस साल हर दिन करीब 7,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। साल 2024 में 30 अप्रैल तक साइबर फ्रॉड की 7.40 लाख शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

यूपी के प्रयागराज में रहने वाली एक महिला के साथ कुछ दिन पहले करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी हो गई। इस केस में महिला को तीन दिनों तक डिजिटली अरेस्ट रखा और उसे डराया-धमकाया। आखिर में जाकर उसको डेढ़ करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। ये सिर्फ एक मामला नहीं है। धोखाधड़ी के लिए एक नया तरीका डिजिटल हाउस अरेस्ट (Digital House Arrest) काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। देश में साइबर क्राइम (Cyber Crime) इतनी तेजी से बढ़ता जा रहा है, कि इस साल हर दिन करीब 7,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। साल 2024 में 30 अप्रैल तक साइबर फ्रॉड की 7.40 लाख शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इनमें से ज्यादातर घटनाएं फर्जी ट्रेडिंग ऐप, लोन ऐप, गेमिंग, डेटिंग ऐप और एल्गोरिदम मैनिपुलेशन से जुड़ी हैं। तो चौंकिए मत! हम आपको डराने नहीं बल्कि आपको आगाह कर रहे हैं कि अगर आप ऐसे जाल में फंस गए, तो आपको लंबा चूना लग सकता है। इसलिए ट्रेडिंग फ्रॉड के अलावा आपको एटीएम, डेटिंग, गेमिंग, लोन जैसे तमाम फ्रॉड से सावधान रहना होगा। आइए सावधानियों के बारे में जानने से पहले इन फ्रॉड्स के बारे में जान लीजिए।

साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर फ्रॉड का गढ़ झारखंड का जामताड़ा या NCR का मेवात नहीं, बल्कि दक्षिण पूर्व एशियाई देश हैं। I4C के CEO राजेश कुमार के अनुसार, ज्यादातर साइबर क्रिमिनल्स कंबोडिया, थाईलैंड, म्यांमार, लाओस जैसे देशों से भारतीयों को निशाना बना रहे हैं। जिन ऐप्स के जरिए फ्रॉड्स को अंजाम दिया जा रहा है, उनमें से कई मंदारिन लैंग्वेज लिखा है। ऐसे में भारत को प्रभावित करने वाले साइबर क्राइम्स में चीन का हाथ होने की संभावना बढ़ जाती है। दिलचस्प बात ये है कि चीन भी इस तरह के फ्रॉड्स का शिकार है और दक्षिण एशियाई देशों से करीब 44,000 चीनी नागरिकों को वापस भेजा गया है। I4C चीफ का कहना है कि साल 2023 में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से संचालित 1 लाख से ज्यादा इन्वेस्टमेंट स्कैम्स की सूचना दी गई और 10 हजार FIR की गईं। उन्होंने कहा कि इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच देश में साइबर क्राइम से लोगों को कुल 7,061.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें से 812.72 करोड़ रुपये ब्लॉक करने में कामयाबी मिली।जनवरी से अप्रैल 2024 के बीच भारत में हो रहे साइबर क्राइम में ज्यादातर फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़े हैं। सबसे ज्यादा 20,043 ट्रेडिंग स्कैम्स में 1,420 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 62,687 इन्वेस्टमेंट स्कैम्स में 222 करोड़ रुपये और 4,599 डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स में 120 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि रोमांस/डेटिंग से जुड़े 1,725 स्कैम्स में 13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

क्या-क्या एक्शन हुए?  

साइबर क्राइम से निपटने के लिए अधिकारियों ने पिछले कुछ महीनों में कई ज़रूरी कदम उठाए हैं। साइबर क्राइम पर नकेल कसने के लिए आई4सी स्काइप अकाउंट, गूगल और मेटा पर विज्ञापन, एसएमएस हेडर्स, सिम कार्ड, बैंक अकाउंट जैसे साइबर क्राइम इंफ्रास्ट्रक्चर्स पर नज़र रख रहा है।

जुलाई 2023 से अब तक 3,25,000 फर्जी अकाउंट्स फ्रीज कर दिए हैं।

आईटी एक्ट की धारा 69 ए के तहत 3,000 से ज्यादा यूआरएल और 595 ऐप्स ब्लॉक किए।

जनवरी से अप्रैल के बीच 30,000 सिम कार्ड और 80,848 आईएमईआई नंबर सस्पेंड या कैंसल किए गए।

साइबर क्राइम से कैसे बचें? 

बैंक अकाउंट्स का पासवर्ड और पिन शेयर न करें.

मोबाइल पर अनवांटेड मैसेजेस से सावधान रहें.

ऑनलाइन जॉब/पार्ट टाइम जॉब के झांसे में न फंसें.

हाई सैलरी वाली जॉब का वादा करने वाले किसी को भी पैसे न भेजें.

किसी भी तरह के लॉगिन क्रेडेंशियल शेयर न करें.

किसी के साथ व्यक्तिगत, संवेदनशील या फाइनेंशियल डिटेल शेयर न करें.

कोई भी अननोन ऐप इंस्टॉल न करें या किसी अनजान वेबसाइट पर न जाएं.

किसी अननोन के कहने पर कोई फ़ाइल या ऐप डाउनलोड न करें.

साइबर क्राइम की घटनाओं की रिपोर्ट (www.cybercrime.gov.in) पर करें.

टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करके भी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं.

पिछले 12 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

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