कहां से मिलते हैं स्पैम कॉल के लिए नंबर? किस कंपनी से आते हैं सबसे ज्यादा अनचाहे कॉल?

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DND रजिस्‍टेशन अभी भी कंज्‍यूमर्स के लिए काम नहीं कर रही है। TRAI यानी कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने बैंकों, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन, बीमा कंपनीज और बिजनेस कंपनी जैसी संस्थाओं को अपने कंटेंट टेम्प्लेट रजिस्‍टर्ड कराने के लिए चेतावनी जारी की थी।

कुछ ज़रुरी काम कर रहे, कॉल आया, रिसीव किया, तो स्पैम कॉल निकला। दिन में कितने ही अनचाहे कॉल्स आते हैं। इसका पहला जुगाड़, DND यानी कि डू नॉट डिस्‍टर्ब को बताया, लेकिन एक सर्वे ने बताया है कि 92% लोगों के डू नॉट डिस्‍टर्ब रजिस्‍टर्ड होने के बाद भी स्‍पैम कॉल आते हैं। 

हाल ही में लोकल सर्कल्‍स ने इसको लेकर एक सर्वे किया। इसमें देश के 378 जिलों में लोगों से 60,000 से मिले। जवाब देने वालों में 64% मेल और 36% फीमेल हैं।उसमें बताया गया कि देश में 10 में 6 लोगों को हर दिन 3 या इससे ज्‍यादा बार अनचाहे कॉल्‍स आते हैं। जिसमें ज्‍यादातर कॉल फाइनेंशियल सर्विस या फिर रियल एस्‍टेट से रिलेटेड होते हैं। सर्वे के मुताबिक, 30% लोगों को हर दिन औसतन 1-2 स्पैम कॉल आते हैं, जबकि 36% ने बताया कि उन्हें लगभग हर दिन कम से कम 3-5 स्पैम कॉल मिलते हैं। साथ ही 21% लोगों का कहना था कि उन्‍हें हर दिन 6 से 10 स्पैम कॉल्‍स आते हैं। ये स्पैम कॉल किस फील्ड से रिलेटेड होते हैं, जब सर्वे में शामिल लोगों से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जोकि भी बताया उसके मुताबिक, 54% लोगों को फाइनेंशियल सर्विस वाली कंपनियों के कॉल आते हैं। 22% लोगों ने रियल एस्‍टेट से जुड़ी हुई कंपनियों का जिक्र किया। 

हालांकि, इसी के साथ ही सिर्फ 6% लोगों ने माना कि बीते 12 महीने में उन्‍हें कोई अनचाहे कॉल नहीं आए। स्पैम कॉल न आए, इसलिए हमें DND यानी डू-नॉट-डिस्टर्ब रजिस्‍ट्रेशन की सुविधा दी जाती है। लेकिन सर्वे में शामिल 92% लोगों ने बताया कि DND लिस्‍ट में रजिस्‍ट्रेशन कराने के बावजूद उन्हें स्पैम कॉल आते रहते हैं। ये इशारा करता है कि DND रजिस्‍टेशन अभी भी कंज्‍यूमर्स के लिए काम नहीं कर रही है। TRAI यानी कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने बैंकों, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन, बीमा कंपनीज और बिजनेस कंपनी जैसी संस्थाओं को अपने कंटेंट टेम्प्लेट रजिस्‍टर्ड कराने के लिए चेतावनी जारी की थी। लेकिन सर्वे की रिपोर्ट कहती है कि स्‍पैम कॉल्‍स पहले के कमपैरिजन में 6% कम हुए हैं, लेकिन ये गिरावट मामूली है। TRAI के निर्देशों का सख्‍ती से पालन हो, तो ग्राहकों के लिए स्पैम कॉल को रोकने की दिशा में और ज्‍यादा सुधार हो सकता है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीयों को प्राप्त होने वाले अन्य स्पैम कॉल में से 13% टेलीमार्केटर्स, 9% वित्तीय सेवाओं से जबकि 3% बीमा और घोटालों से संबंधित हैं। ज्यादातर मामलों में ये डेटा फोन रिचार्ज के लिए किसी वेबसाइट को दिए गए होते हैं या फिर शॉपिंग के लिए किसी स्टोर, खाना ऑर्डर करते वक्त किसी आउटलेट या दूसरी कई जगहों पर दिया गया होता है। कई बार किसी वेबसाइट पर पॉलिसी चेक करने पर, मोबाइल नंबर और दूसरी डिटेल्स मांगी जाती है। आप अपना नंबर दे देते हैं और फिर कुछ देर बाद से आपको कॉल आनी शुरू हो जाती है। ऐसा ही लोन और बैकिंग से जुड़ी सर्विसेस के साथ भी होती है। इस तरह के आने वाले कॉल्स या SMS में से कई फिशिंग भी हो सकते हैं। SMS में मौजूद फिशिंग लिंक्स से आपका बैंक बैलेंस खाली हो सकता है। ऐसे मामलों में लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी होता है। इस तरह के स्कैम कई वेल ट्रेंड सिंडिकेट्स द्वारा चलाए जाते हैं। इसके लिए वो आपके मोबाइल नंबर समेत दूसरे डेटा को खरीदते हैं। ऐसे बहुत से डेटा ऑनलाइन फ्री उपलब्ध हैं।

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