Abusive Relationship में बने रहने का कारण क्या हो सकता है ?

Home   >   Woमंच   >   Abusive Relationship में बने रहने का कारण क्या हो सकता है ?

239
views

साल 2022 में एक फिल्म डार्लिंग्स आई थी। इस फिल्म में आलिया भट्ट मेन रोल में थी, फिल्म में वो लव मैरिज करती हैं। उनके इस रोल में एब्यूसिव रिलेशनशिप क्या होती है, ये साफ दिखाया गया। फिल्म में रोज आलिया भट्ट मुमकिन प्रयास करती कि लड़ाई-झगड़े न हों, लेकिन कोई न कोई ऐसी बात हो जाती कि लड़ाई और फिर मार-पीट हो जाती। फिर अगली सुबह वो अपने पति से नाराज रहतीं लेकिन धीरे-धीरे बात बन जाती और सब नार्मल हो जाता, लेकिन फिर रात को मार-पीट होती, ये सिलसिला चलता रहता।

यहां पर जिस लड़की का रोल निभाया जा रहा वो हर बार इस उम्मीद में ये सब बर्दास्त करती कि आगे सब ठीक हो जाएगा। जैसा कि कहा कि अटैचमेंट एक रीजन हो सकता है, तो बुरा बर्ताव सहने के बाद भी जब रिलेशनशिप को कन्टिन्यू करते हैं तो इसकी एक वजह ट्रॉमा बॉन्डिंग भी है।ट्रॉमा बॉन्डिंग जो कि दो शब्दों के मिलकर बना है - ट्रॉमा और बॉन्डिंग। ये एक तरह का डिसफंक्शनल कनेक्शन है, जो अब्यूज़ करने वाले और उसके विक्टिम के बीच देखा जाता है।

यहां अब्यूज़ का मतलब होता है शोषण, ये शोषण इमोशनल, फिजिकल या सेक्शुअल हो सकता है, जो इंसान अब्यूज़ का शिकार होता है, वो ज्यादातर शोषण करने वाले पर निर्भर होता है। सीनियर साइकाट्रिस्ट प्रो. धनजय चौधरी से जब हमने इस बारें मे बात की वो बताते हैं कि ट्रॉमा बॉन्डिंग एक डिसफंक्शनल अटैचमेंट है, इससे नर्वस सिस्टम में और शरीर हॉर्मोनल बदलाव आते हैं।

ऐसे में दिमाग उस स्थिति में अडजस्ट करने की कोशिश करता है, अडजस्ट करने के लिए दिमाग शोषण करने वाले की एक पॉजिटिव छवि बनाने लगता है क्योंकि ये इस सिचुएशन में विक्टिम को सर्वाइव करने में मदद करता है, लेकिन कुछ समय के बाद जब इसके साइकोलॉजिकल लक्षण दिखने लगते हैं तो विक्टिम को एहसास होता है कि कुछ गड़बड़ है। लेकिन ज्यादातर बार कोई दूसरे लोग इसे पहचानते हैं, जब इस बात का एहसास हो जाता है कि आप ट्रॉमा बॉन्डिंग के शिकार हैं तब इस तरह के रिश्ते से निकलना इलाज का हिस्सा होता है।

एब्यूसिव रिलेशनशिप को बर्दाश करने वाला विक्टिम कोई भी हो सकता है। ज्यातातर मामलों में विक्टिम को लगता है कि गलती उसकी है। इसलिए विक्टिम ख़ुद को दोष देता है और उसके साथ जो हो रहा है, उसके लिए ख़ुद को ज़िम्मेदार मानता है। तो वहीं शोषण करने वाले की गलतियों पर पर्दा डालता है। जब दूसरे लोग शोषण करने वाले की गलती निकालते हैं तो विक्टिम बहाना बनाकर उसको कवर करता है। 

विक्टिम के मन में एक आशा रहती है कि शोषण करने वाला अपना रवैया बदल लेगा। बर्दाश करने वाला ये मानता है कि शोषण करने वाला जो कर रहा है वो उसके भले के लिए कर रहा है।जब हमने लोगों से पूछा कि किस रिलेशनशिप को आप एब्यूसिव मानेंगे तो साफ है कि जो लोग सोचते हैं कि वो एब्यूसिव रिलेशनशिप से बाहर क्यों नहीं निकल पा रहें हैं तो इसका जवाब ट्रॉमा बॉन्डिंग है। विशेष्ज्ञों का कहना है कि अगर आपको अपनी रिलेशनशिप में ट्रॉमा बॉन्डिंग के लक्षण दिखते हैं तो अपनी दिक्कत अपने परिवार या दोस्तों से शेयर करें और जरूरत पड़े तो प्रोफेशनल मदद भी ले सकते हैं।

 

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!