Woman Leadership : 2030 तक महिलाएं होंगी बराबरी की हिस्सेदार

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कंपनियों में शीर्ष पदों पर महिलाओं की संख्या बेहद कम हैं। देश में सिर्फ 2 फीसदी ही महिलाएं CFO हैं। लेकिन 2030 तक भारतीय कंपनियों में महिलाओं की संख्या पुरुषों के बराबर होगी।

 

भारतीय कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं की संख्या 26% 

किसी भी देश में शिक्षाविकास और रोजगार का क्या स्तर है ये देखना हो तो महिलाओं की शिक्षारोजगार और विकास के अध्ययन से समझा जा सकता है। यदि महिलाओं में शिक्षा और रोजगार का दर अच्छा है तो देश में शिक्षा और रोजगार का दर अच्छा होगा। मॉडर्न टेक्नोलॉजी के आने के साथ-साथ प्रोपर एजुकेशन और कम्युनिकेशन ने हर महिला को अपनी आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए काफी स्पेस दिया हैजैसा पहले कभी नहीं था। ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिकभारतीय कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। इस साल अब तक कंपनियों में महिलाओं की संख्या बढ़कर 26 फीसदी तक हो गई।

कंपनियों में शीर्ष पदों पर महिलाओं की संख्या बेहद कम

घरेलू कंपनियों में सिर्फ दो फीसदी सीएफओ (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) पदों पर महिलाएं हैं, जबकि वैश्विक स्तर औसत 12.60 फीसदी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में लिस्टेड 2,257 कंपनियों में सिर्फ 45 में ही चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर पद पर महिलाएं हैं। प्राइम इंफोबेस के मुताबिक मार्च 2023 में इनकी संख्या 31 और मार्च 2019 में महज 24 थी। एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल कंपनियों की बात करें तो इनमें से सिर्फ तीन कंपनियों में सीएफओ महिलाएं हैं। दूसरी तरफ,  वैश्विक स्तर में देखें तो फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की सूची में शामिल कंपनियों में से 63 में सीएफओ पद पर महिलाएं तैनात हैं।

शीर्ष पदों पर महिलाओं के लिए काफी गुंजाइश

घरेलू फाइनेंशियल सेक्टर में शीर्ष पदों पर महिलाओं के लिए काफी गुंजाइश है। एक न्यूज पेपर में छपी खबर के मुताबिक लीडरशिप एडवाइजरी फर्म कॉर्न फेरी के इंडिया हेड राहुल कक्कड़ के मुताबिक, 'सीएफओ के लिए होने वाली हर तीन में से एक सर्च में महिला प्रोफेशनल की डिमांड होती है। लेकिन टैलेंट पाइपलाइन बहुत सीमित है। इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्रिंग कंपनियों में सीनियर महिला प्रोफेशनल्स की डिमांड ज्यादा है।’

43 फीसदी कंपनियों में एक महिला बोर्ड मेंबर

करीब 43 फीसदी कंपनियों में अनिवार्य रूप से एक महिला बोर्ड मेंबर है। लेकिन ऐसी कंपनियां जिनके बोर्ड में दो महिला मेंबर हैं उनकी संख्या केवल 11 फीसदी है।

कर्मचारियों की संख्या  महिला लीडर्स (%)

500 से कम          23

500 से 2000        16

2000 से 5000       15

5000 से 20000      15

20000 से ज्यादा      11

आईटी में महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 

वहीं उदैती फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईटी सेक्टर में महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा और ऑयल एंड गैस और मीडिया में हिस्सेदारी कम है।

सेक्टर   महिलाओं की हिस्सेदारी (%)

आईटी                 34

टेक्सटाइल              33

कंज्यूमर सर्विसिज        27

फाइनेंशियल सर्विसेज      22

हेल्थकेयर               20

रियल्टी                 18

टेलीकॉम                15

सर्विसेज                 15

ऑयल एंड गैस           14

मीडियाएंटरटेनमेंट        14

ICAI एग्जाम में 30.19% पुरुष, 29.77महिलाएं हुईं पास 

चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा पास करने वालों में करीब 42% छात्राएं होती हैं।महीने भर पहले हुए आईसीएआई के एग्जाम में कुल 1,52,595 कैंडिडेट में से 41,132 पास हुए। इनमें से 21,728 पुरुष और 19404 महिलाएं थीं।

पुरुषों को टक्कर देंगी महिलाएं

अगर ये सिलसिला इसी तरह जारी रहता है तो अगले कुछ वर्षों में फाइनेंशियल सेक्टर में भी महिला लीडर्स की संख्या पुरुषों को टक्कर देने लगेगी। एसएंडपी ग्लोबल की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक दुनियाभर में लीडरशिप रोल में 50 फीसदी तक हिस्सेदारी महिलाओं की होगी।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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